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गुरुवार.
ऐसे कई युवा है जो विवाह नाम सुनकर घबरा जाते है न जाने शादी के बाद जिंदगी में कितना और कैसा बदलाव आए इसलिए वह शादी से बचते रहें है और अगर आपको भी ऐसा लगता है तो एम्स की सलाह आपके काम आ सकती है। जीं हां अगर आप अविवाहित है और विवाह को लेकर किसी प्रकार का तनाव महशूस करते है तो अखिल भारतीय आयरुविज्ञान संस्थान का नया पाठयक्रम आपकी मदद कर सकता है। युवा वर्ग में एचआईवी और अन्य सैक्सुअल बिमारियों की बढ़ती दर और वैवाहिक जीवन में बढ़ते तनाव के साथ सैक्स से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने के लिए एम्स ने प्री मैरिज कोर्स फॉर हैप्पी मैरिज लाईफ का कोर्स शुरु किया है।
क्या है कोर्स में
इस कोर्स में युवाओं को बेहतर वैवाहिक जीवन के लिए भावनात्मक, सामाजिक और शारीरिक रुप से तैयार किया जाएगा। इस कोर्स में अपने अपने विषयों के जानकार ह्यूमन एण्ड सैक्सुअल एनाटिमी, सैक्सुअल फंक्शन , सैक्सुअल प्राब्लम एण्ड देयर सौल्यूशन पर जानकारी देंगे। इसके अलावा जेनेटिक समस्याओं की भी जानकारी देने के साथ साथ विवाहित जीवन में किस तरह से संतुलन बनाया जाए इस बात की जानकारी दी जाएगी।किसके लिए
कोई भी अविवाहित भारतीय जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो इस कोर्स को कर सकता है। यह कोर्स मात्र दो दिन का है और इसमें नाम मात्र की फीस ली जाएगी। कोर्स में पहले आओ पहले पावों के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है। 29 और 30 जुलाई को होने वाले कोर्स के लिए सीटें भर चुकीं है लेकिन 21और २२ अक्टूबर को संचालित होने वाले कोर्स के लिए अपना आवेदन pmcaiims@gmail.com ई मेल आईडी पर दे सकते है। इस कोर्स में 30 युवाओं को प्रवेश दिया जाएगा।
इस कोर्स के माध्यम से लोंगो में मानव शरीर की संरचना और वैवाहिक जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी देनें का हमारा प्रयास है। कोर्स को रिस्पांस बेहतर मिल रहा है और पहला बैच भर चुका है और दूसरे बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी हैं। सैक्सुअल बिमारियों से बचाव के बारें में युवाओं को पता होना चाहिए।डॉ बीर सिंह ,संयोजक , एड्स एजुकेशन एण्ड ट्रेनिग सेल एम्स