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गांधीनगर
कम बारिश के कारण गुजरात के कई इलाकों, विशेषकर उत्तरी भाग में सूखे का संकट पैदा हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी दस दिनों में बारिश नहीं होने पर राज्य को अकालग्रस्त भी घोषित किया जा सकता है। वैसे, मौसम विभाग ने आगामी दो-तीन दिनों में बारिश की संभावना जताई है।
गौरतलब है कि राज्य के 193 जलाशयों में अब तक केवल 27 फीसदी जलसंचय ही हो सका है, जिससे 68 फीसदी बुआई प्रभावित हुई है। वहीं, उत्तर गुजरात के महेसाणा, पाटन, बनासकांठा, कच्छ व सुंदरनगर जिलों के करीब 1000 गांवों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं।मौजूदा हालात को देखते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई। माना जा रहा है कि इसमें राज्य को अकालग्रस्त घोषित करने पर विचार किया गया।
एहतियाती उपाय :
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने सूखे के हालात से निपटने के लिए वन विभाग को चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। साथ ही सिंचाई विभाग को भी पीने के पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
बिजली की मांग बढ़ी :
इस दौरान किसानों के भूमिगत जलस्रोत पर निर्भर होने के कारण बिजली की मांग 350 मेगावाट बढ़ गई है, जो स्थिति में सुधार नहीं होने की दशा में बढ़कर 500 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।