|
भोपाल.राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति पीबी शर्मा ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ ने इस्तीफा मिलने की पुष्टि की है। कुलपति के खिलाफ शिकायतों की जांच रिपोर्ट लीक हो जाने को राज्यपाल ने गंभीरता से लिया था। कुलपति ने त्याग पत्र में व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा देने का उल्लेख किया है।
आरजीपीवी के कुलपति पीबी शर्मा को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रही गहमा गहमी गुरुवार को उनके इस्तीफे के साथ समाप्त हो गई। प्रदेश के कुलपतियों के इतिहास में यह पहला मौका है, जब जांच रिपोर्ट में कोई आरोप सिद्ध न पाए जाने के बाद भी कुलपति को इस्तीफा देना पड़ा हो। राजभवन के सचिव केके सिंह ने बताया कि फैक्स पर इस्तीफा मिल गया है, जिसे राज्यपाल के विचारार्थ प्रस्तुत कर दिया गया है। राजभवन के सूत्रों के अनुसार देर शाम राज्यपाल बलराम जाखड़ ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
श्री शर्मा के स्थान पर डा. पीयूष त्रिवेदी डीन, फार्मेसी को कार्यवाहक कुलपति का प्रभार सौंपा जा रहा है। कुलपति द्वारा इस्तीफा देने का मुख्य कारण उनके खिलाफ की गई जांच कार्रवाई को माना जा रहा है। दरअसल जून माह में राज्यपाल ने कुलपति के खिलाफ 21 बिंदुओं पर जांच करने के लिए जस्टिस एसके चावला को नियुक्त किया था।
हाल ही में 18 जुलाई को जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी थी, जिसमें कुलपति पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर उन्हे क्लीन चिट दे दी गई थी। लेकिन जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने तीन दिन पहले ही इसके अंश समाचार पत्रों में प्रकाशित हो गए थे। इस बात को राज्यपाल ने गंभीरता से लेकर जांच रिपोर्ट लीक होने की भी जांच शुरू कर दी थी।
कुलपति के करीबी सूत्र बताते हैं कि गुरूवार दोपहर को काउंसिलिंग प्राधिकरण की बैठक के दौरान ही कुलपति के लिए राजभवन से फोन आया था। जिस पर कुलपति ने काफी तनाव पूर्ण बातचीत की थी। फोन पर हुई इस चर्चा के तुरंत बाद ही कुलपति ने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। समझा जा रहा है कि फोन पर हुई चर्चा में राज्यपाल ने कुलपति से इस्तीफा मांग लिया था। यही वजह रही कि कुलपति ने बैठक की कार्वाई पूरी करने के पहले ही इस्तीफा दे दिया।