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ट्रेकिंग के टूर आयोजित करने वाले पराग गांधी के अनुसार बारिश का मौसम ट्रेकिंग के लिए ‘पिक्चर परफेक्ट’ का काम करता है। छोटे-छोटे झरने और हरियाली इसमें चार चांद लगाते हैं। वैसे ट्रेकिंग साल के किसी भी सीजन में की जा सकती है, लेकिन बारिश का अपना ही मजा है।
ट्रेकिंग डेस्टिनेशंसकर्नाला फोर्ट गोवा के रास्ते पर मुंबई-पुणो हाइवे का ये ट्रेक घने जंगल के बीच है। बर्ड वॉचर्स और ट्रेकिंग के लिए ये सर्वाेत्तम स्थान है।
नाने घाट यहां से सहयाद्रि का शानदार व्यू नजर आता है। मुंबई के आसपास के इलाकों के लोग यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। लगभग 54 किमी. लंबा घने जंगलों का ये ट्रेक, ट्रेकर्स के लिए जन्नत से कम नहीं है। इसके ऊपरी हिस्से तक पहुंचने में तकरीबन चार घंटे का वक्त लगता है।
अहूप घाट इस जगह के बारे में लोग कम ही जानते हैं, लेकिन ये है बहुत खूबसूरत। मलशेज घाट और भीमशंकर के बीच बसी इस जगह तक पहुंचने के लिए ऊबड-खाबड़ रास्ते से होकर पहुंचना पड़ता है। यहां की दो जुड़वां चोटियां गोरख और मचिंद्रागढ़ इस जगह की खूबसूरती को बढ़ाती हैं।
गढ़वाल ट्रेकिंग हिमालय की गोद में बसी इस जगह पर पूरे साल ही ट्रेकिंग के शौकीन आते हैं। एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए ये काफी मशहूर है। पहाड़, छोटे झरने और नदियां इसके बीच में पड़ते हैं। गढ़वाल चारों तरफ से तिब्बत, उत्तराखंड, कुमाऊं और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से से सटा हुआ है, इसलिए इसकी खूबसूरती तो बढ़नी ही है।
नंदा देवी हिमालय की गोद में ये एक और मशहूर ट्रेकिंग ऑप्शन है। इसके अलावा जलोरी पास ट्रेक, सोलंग से बीस कुंड, धौलाधर ट्रेक, पीर पंजाल ट्रेक और धर्मा वैली ट्रेक भी पर्यटकों को लुभाते हैं।
अन्य मशहूर डेस्टिनेशंस
>> लद्दाख और जंस्कार>> जम्मू-कश्मीर>> सहयाद्रि रेंज>> महाराष्ट्र व पुणो>> चिकमंगलूर, कर्नाटक
क्या-क्या ले जाएं
>> कम से कम तीन लीटर पानी
>> कपड़ों का एक एक्सट्रा जोड़ा और बरसाती
>> ट्रेकिंग शूज
>> एनर्जी बार और चॉकलेट
>> बदबू से बचने के लिए डिओडरेंट
>> मच्छर या बरसाती कीड़ों से बचाने वाला स्प्रे
>> फ्लैशलाइट और एक्सट्रा बैटरीज
>> जरूरी दवाएं और आइडेंटिफिकेशन
>> सीटी
>> ट्रेकिंग शुरू करने से पहले देख लें कि सेहत के मामले में आप पूरे शेप में हैं या नहीं। ज्यादा एडवेंचरस होना महंगा भी पड़ सकता है।