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वेतन, पेंशन, परिवार पेंशन या ब्याज से आय अर्जित करने वालों को फार्म आईटीआर-1 भरना है। यह फार्म भरने वाला तबका आमतौर पर नौकरीपेशा वर्ग है। ऐसे लोगों का वास्ता इनकम टैक्स जैसे विभागों से कम ही पड़ता है। इसलिए फार्म भरने में सबसे ज्यादा दिक्कतें भी उन्हें ही होती हैं। हम ऐसे ही लोगों को बता रहे हैं बिंदु दर बिंदु फार्म भरना।
ई-मेल, फोन नंबर :
यह वैकल्पिक है। आप चाहें तो इसे खाली भी छोड़ सकते हैं।
1. आय (वेतन, पेंशन) :
उसी करयोग्य सकल या नेट आय का उल्लेख करें जो आपको दिए गए फार्म नंबर 16 में दी गई है।
2. अन्य स्रोतों से आय :
इसमें पारिवारिक पेंशन व ब्याज के कॉलम दिए गए हैं। पारिवारिक पेंशन (यदि है) स्टैंडर्ड डिडक्शन को घटाकर लिखी जाए। इसी प्रकार ब्याज कॉलम में वही आय लिखी जाए जिस पर आयकर लगना है। आयकर मुक्त ब्याज से अर्जित आय इसमें नहीं लिखनी है।
4. कटौतियां या डिडक्शन : विभिन्न सेक्शनों के तहत प्राप्त कटौतियां लिखनी हैं। वेतनभोगी के लिए सबसे अहम कटौती का स्रोत धारा 80 सी है। इसमें एक लाख रुपए तक की कटौती का दावा किया जा सकता है।
स्थायी लेखा संख्या (पैन):यह फार्म का सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट है। इसे बिल्कुल ध्यान से भरें।
8-9. संदेय कर :अपने स्लैब के अनुसार आयकर लिखें। तमाम कटौतियों के बाद भी आपकी आय 10 लाख रुपए से अधिक है तो 10 फीसदी अधिभार जोड़ें। साथ ही 3 फीसदी शिक्षा उपकर भी जोडं़े।
10-11. छूट :
इस छूट का प्रावधान क्रमश: एरियर या एडवांस वेतन मिलने और दोहरे कराधान के सिलसिले में लागू होता है। वैसे अधिकांश लोग इसकी परिधि में नहीं आते हैं।
13. संदेय ब्याज :
अग्रिम कर नहीं चुकाने की स्थिति में आयकरदाता कुल कर पर डेढ़ फीसदी ब्याज जोड़ना नहीं भूलें। यह बात ध्यान में रखें कि रिटर्न भरने से पहले ही कर का भुगतान करना जरूरी है।
15. अग्रिम कर, टीडीएस, स्व-निर्धारण कर :
फार्म में इन बातों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। फार्म 16 या फार्म 16 (ए) में टीडीएस दिया गया होता है जिसका उल्लेख करना रिफंड क्लेम के लिए बेहद जरूरी है।
18. बैंक खाता संख्या :
रिटर्न फार्म में अपने बैंक एकाउंट की जानकारी ध्यान से भरें। इससे आप जल्द रिफंड हासिल कर सकेंगे।
20. एमआईसीआर कोड :
यह आपकी चेक बुक में चेक नंबर के बाजू में 9 अंकों में दिया गया नंबर होता है। आपके बैंक खाते में सीधे रिफंड हासिल करने के लिए इसे लिखना जरूरी है।
21. टीडीएस में कटौती (वेतन):
वेतन में टीडीएस कटौती का पूर्ण विवरण दें। यह जानकारी आपके नियोक्ता द्वारा उपलब्ध करवाए गए फार्म 16 से मिल जाएगी।
22. टीडीएस में कटौती (ब्याज):
ब्याज इत्यादि में स्रोत पर की गई कटौती का विवरण दें। यह जानकारी फार्म 16 (ए) में मिलेगी जो प्राय: बैंक जारी करते हैं।
23. अग्रिम कर व स्वनिर्धारण कर:
इस कालम में अग्रिम कर और स्वनिर्धारण कर के ब्यौरे लिखने हैं। अग्रिम कर वही लिखना होगा जो आप पूर्व में जमा कर चुके हैं।
24. वार्षिक सूचना विवरणी (एआईआर) : इसके तहत आठ मामलों में किए गए बड़े वित्तीय लेन-देन का ब्योरा देना है। इसकी प्रविष्टि बेहद ध्यान से भरें क्योंकि इसे छिपाने पर आयकर विभाग बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर आपसे सफाई तलब कर सकता है।
25. कर छूट ब्याज आय :
इस कॉलम में वह आय लिखी जा सकती है जो आयकर मुक्त ब्याज से अर्जित है।
शेयर, म्यूचुअल फंड से प्राप्त आय:
करमुक्त आय के मामले में वही व्यक्तिगत आयकरदाता यह फार्म भरने का पात्र है जिसकी करमुक्त आय केवल कृषि या ब्याज से होती है। वह व्यक्ति फार्म-1 नहीं भर सकता जिसे शेयरों से दीर्घावधि पूंजीगत लाभ या म्यूचुअल फंड से डिविडेंड हासिल हो रहा है, भले ही इनकम टैक्स के प्रावधानों के तहत यह करमुक्त है।
एक से अधिक संस्थान :
ऐसे कई व्यक्तिगत आयकरदाता हैं जो एक से अधिक संस्थानों के लिए काम कर रहे हैं। ऐसा व्यक्ति भी आईटीआर-1 फार्म भर सकता है क्योंकि वेतन से अर्जित तमाम आय को इसी फार्म में दर्शाना है। व्यक्ति चाहें तो संबंधित जानकारी एक अलग से शीट में भी विस्तार से देकर उसे फार्म के साथ नत्थी कर सकता है।