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गरमी फुल, बिजली-पानी गुल

जालंधर. करीब 14 लाख आबादी वाले शहर के लिए 300 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) पानी कम पड़ गया है। हर साल 17 करोड़ से ज्यादा रुपए पेयजल आपूर्ति में खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन गर्मी आते ही निगम अधिकारियों के दावे ‘पानी-पानी’ हो जाते हैं।

पानी की किल्लत से जूझ रहे लोग कहीं पार्षद के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, तो कहीं मंत्री व सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ। ऐसे में सरकार की शत-प्रतिशत लोगों को स्वच्छ पेयजल देने का वायदा महज चुनावी वायदा बनकर रह गया है। नगर निगम के आंकड़े कहते हैं कि मौजूदा समय में 325 ट्यूबवैल लगे हैं, जिनसे प्रतिदिन 300 एमएलडी पानी की खपत की जा रही है।

यहां है ‘मंत्री जी’ के उद्घाटन का इंतजार : शहर में गर्मी से पहले लगाए गए 25 ट्यूबवैल पिछले चार माह से उद्घाटन की बाह जोट रहे हैं। बुड्ढामल ग्राऊंड, जेपी नगर, भाई दित्त सिंह नगर, सुदर्शन पार्क, माडल टाऊन, धोबी घाट, बिक्रम पुरा, कोट पक्षियां, शिव नगर, जेपी नगर हरजी पार्क, गुरू नानकपुरा वेस्ट, वार्ड-37 ओल्ड, न्यू हरगोबिंद नगर, अर्जन नगर, फतेहपुरा, न्यू जोगिंदर नगर, करतार नगर, कमल विहार, ग्रीन कालोनी व गोबिंद नगर कालोनी में लगाए गए नए ट्यूबवैल उद्घाटन के इंतजार में हैं।

यहां पानी की किल्लत : मिट्ठापुर कैंट रोड, रंजीत एंक्लेव, पंजाबी बाग, अर्बन एस्टेट फेस-2 के कुछ हिस्से, तेल वाली गली, बस्तियात इलाकों व छोटे मोहल्लो में, गुरुनानक पुरा, एकता नगर, कमल विहार, किशनपुरा, संतोखपुरा, काजी मंडी, दादा कालोनी, गढ़ा, भार्गव कैंप, आबादपुरा, गांधी कैंप, राम नगर, बूटा मंडी, बूटा पिंड, बस्ती शेख के साथ शहर के बाहरी इलाके।

पेयजल मयस्सर नहीं, खर्चा करोड़ों रुपए : शहरवासी पानी के लिए तरस रहे हैं तो कोई बात नहीं, नगर निगम हर साल स्वच्छ पेयजल की सप्लाई के नाम पर 17 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च कर रहा है। सीवरेज बोर्ड के फंड से चालू वित्तीय वर्ष में 150 लाख रुपए खर्च करने का प्रस्ताव पास किया गया है। म्युनिसिपल फंड के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में 250 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

आपरेशन एंड मैंटीनेंस पर चालू वित्तीय वर्ष में 350 लाख रुपए खर्च करने की योजना है। निगम आंकड़े बताते हैं कि ट्यूबवैलों के बिजली बिल के रूप में साल 2007-08 में 900 लाख रुपए बिजली बोर्ड को बिल अदा किए गए थे, जबकि वित्तीय वर्ष में 950 लाख रुपए बिजली बिल अदा किए जाएंगे।

पानी को तरसते अली मोहल्ला के लोग : वार्ड-28 के लोग एक महीने से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। शनिवार को मोहल्ले के लोगों ने पार्षद ममता शर्मा के पास शिकायत दर्ज करवाई व चेतावनी दी है कि अगर पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। पूनम मनचंदा, सुदर्शना कुमारी, विनोद रानी, ऊषा, कृष्णावंती, संतोष, रेखा, अलका, कोमल, अंजू रानी, नीलम, ज्योति, सरला, सुनीता और अंजू ने बताया कि इस संबंध में कई बार पार्षद व निगम अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बिजली कटों से लोग बेहाल : उमस के मौसम में बिजली कटों का कहर टूट कर बरस रहा है। पसीने से तरबतर लोग पंखे की हवा को भी तरस गए हैं, लेकिन तमाम सरकारी वायदों के बावजूद बिजली कटों में कोई राहत नहीं मिल रही है। 24 घंटों के दौरान कई बार बिजली बंद की जा रही है। प्रदेश के मुख्यमत्री प्रकाश सिंह बादल ने साफ कह दिया है कि आगामी कुछ वर्षो के दौरान बिजली कटों से राहत मिल पाना आसान नहीं है।

वीक एंड पर भी मिलेगी ‘सजा’ : वीक एंड पर भी लोगों को बिना बिजली के ही रहना होगा। पंजाब राज्य बिजली बोर्ड जालंधर की तरफ से रविवार को भी शहर के कई हिस्सों में बिजली बंद रहने की घोषणा की गई है। बिजली बंद रहने का कारण जरूरी रिपेयर बताई गई है। माडल हाउस के कुछ इलाकों में ट्रांसफार्मर की खराबी की वजह से सुबह 7 बजे से रात्रि तक बिजली नहीं आई थी।

यहां बंद रहेगी सप्लाई : उद्योग नगर फीडर, रंधावा मसदां फीडर, उत्तम फीडर, फोकल प्वाइंट-1, डीआईसी फीडर, गुरुद्वारा शिव नगर, अजरुन नगर फीडर कीमुरम्मत के चलते संबंधित क्षेत्रों में बिजली सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी। इससे फोकल प्वाइंट, मोहल्ला शिव नगर, पृथ्वी नगर, बलदेव नगर, नीवीं आबादी, संतोखपुरा, किशनपुरा रोड के उपभोक्ता प्रभावित होंगे।

सिविल अस्पताल के मरीज भी कटों से दुखी : बिजली कटों की मार सिविल अस्पतालों के मरीजों पर भी पड़ रही है। बिजली न होने से कभी एक्सरे नहीं हो पाते तो कभी टैस्ट की रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती। शुक्रवार रात भी जैनरेटर सैट में खराबी के कारण सिविल अस्पताल की बिल्डिंग 20 मिनट तक अंधेरे में डूबी रही। शनिवार को भी एक्सरे करने में काफी दिक्कत आई। इसी तरह लैब में भी कुछ मशीनें बिजली कट के चलते ठीक से टैस्ट के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रही हैं।

माह के अंत तक मिलेगी उमस से राहत : गर्मी और उमस के घटन भरे माहौल से महीने के अंत तक राहत मिल सकती है। उमस बढ़ने का कारण वर्षा का कम होना, तापमान का बढ़ना और आद्रता में भी बढ़ौतरी दर्ज होना ही है। इस समय मानसून हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है और पंजाब में मानसून अपेक्षाकृत कम ही बरस रहा है। कम बारिश होने की वजह से ही उमस बढ़ा हुआ है।

एयरफोर्स स्टेशन आदमपुर के मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30-31 जुलाई को मानसून के दोबारा पंजाब में सक्रिय होने की आशा है। वर्षा होगी तो उसके साथ आद्रता भी बढ़ेगी लेकिन उमस जैसी स्थिति कम ही पैदा होगी। वर्षा के दौरान आद्रता 100 प्रतिशत तक भी दर्ज की जाती है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय औसतन अधिकतम तामपान में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई है जबकि न्यूनतम तापमान गिरावट दिखा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक साधारण परिस्थितियों में इन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक दर्ज किया जाता है।





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