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तो 500 डॉलर तक हो सकता है कच्च तेल

तेहरान.कच्चे तेल की मौजूदा दरों से ही महंगाई सातवें आसमान पर है। अगर यह तेल 500 डॉलर प्रति बैरल मिलने लगे तो महंगाई किस आसमान पर होगी, इसकी कल्पना भी नहीं हो सकती। ईरान पर अमेरिकी हमले की सूरत में तेल का दाम बेहद बढ़ सकता है।

ओपेक में ईरान के गर्वनर का कहना है कि अगले कुछ वर्र्षो तक डॉलर के मूल्य में गिरावट लगातार जारी रही और राजनीतिक तनाव और बढ़ा तो कुछ वर्र्षो में क्रूड ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 500 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। मोहम्मद अली खातिबी ने यह बात यहां शनिवार को प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक ’शाहरवंद-ए-एमरूज’ में एक इंटरव्यू में कही। खातिबी से सवाल किया गया था कि क्या अगले दो-तीन वर्र्षो में क्रूड की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल को पार कर सकती हैं।

40 फीसदी तेल की आपूर्ति ईरान से

खातिबी ने यह भी कहा कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी विवाद की वजह से इस मुस्लिम राष्ट्र पर हमला होता है तो इससे ईरान का तेल तो बाजार में पहुंचेगा ही नहीं बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो जाएगी। ऐसी सूरत में कीमतों में बढ़ोतरी नहीं, विस्फोट देखने को मिलेगा। पूरी दुनिया में खाड़ी से जाने वाले कुल तेल का 40 फीसदी हिस्स ईरान के दक्षिणी तट के समीप स्ट्रैट ऑफ होरमुज से जाता है। ईरान ने हमला होने की दशा में यहां से गुजरने वाले कच्चे तेल के जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है और खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अगर इस कार्रवाई में हिस्सा लेते हैं तो वह उनके खिलाफ भी बदले की कार्रवाई करेगा।

अमेरिका को परमाणु कार्यक्रम पर ऐतराज

अमेरिका को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर आपत्ति है। अमेरिका ने कहा है कि वह इस विवाद का कूटनीतिक हल चाहता है, लेकिन विफल रहने की दशा में उसने सैन्य कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया है। उधर, ईरान का कहना है कि उसकी परमाणु गतिविधियां पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं। उसके कार्यक्रम का उद्देश्य बिजली पैदा करना है।





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