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पाक सरकार ने कतरे आईएसआई के पर

इस्लामाबादपाकिस्तान की दो प्रमुख गुप्तचर एजेंसियां इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) और इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) अब पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के अधीन काम करेंगी। पाकिस्तान की कैबिनेट ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

अधिसूचना में कहा गया है कि प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कामकाज के नियम 1973 के नियम 3 (3) के तहत दोनों एजेंसियों का प्रशासनिक, वित्तीय और कार्यकीय नियंत्रण गृह मंत्रालय को सौंपने के फैसले को मंजूरी दे दी है।

पाकिस्तान सरकार के इस कदम को स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए पहचानी जाने वाली आईएसआई के पर कतरने के रूप में देखा जा रहा है। मुख्य रूप से देश के बाहर काम करने वाली यह खुफिया एजेंसी अब तक रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में थी।

बढ़ेगा राजनीति हस्तक्षेप

इस संबंध में पाकिस्तान के एक चैनल ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा, ‘आईएसआई का हस्थांतरण गलत हुआ है, क्योंकि इससे आंतरिक राजनीतिक मामलों में उसका हस्तक्षेप बढ़ जाएगा।’

अपने तरीके से ही करेगी काम इधर, एक सुरक्षा अधिकारी ने आईएसआई के गृह मंत्रालय के नियंत्रण में काम करने पर शंका जाहिर करते हुए कहा कि यह गुप्तचर एजेंसी पहले की तरह अपने तरीके से ही काम करती रहेगी।’ पाक मीडिया में आए एक बयान में एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘जब आईएसआई प्रधानमंत्री के नियंत्रण में थी तब यह एजेंसी किसी का आदेश नहीं मानती थी। अब यह कैसे संभव है कि यह एजेंसी बिना कोई प्रश्न किए गृहमंत्री के अधीन काम करेगी।’

अब कोई न कर सकेगा बदनाम: जरदारी

पाकिस्तान में सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को कहा कि सेना को राजनयिक स्तर पर लगाए जाने वाले आरोपों से दूर रखने के उद्देश्य से ही आईएसआई को गृह मंत्रालय के अधीन किया गया है। ‘डेली न्यूज’ के मुताबिक जरदारी ने दुबई में दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘भविष्य में पाकिस्तान के दुश्मन आईएसआई को बदनाम नहीं कर सकेंगे। अब कोई यह न कह सकेगा कि आईएसआई चुनी हुई सरकार के नियंत्रण में नहीं है। गृह मंत्रालय अब आईएसआई पर लगने वाले आरोपों का जवाब देने के लिए जिम्मेदार होगा।’





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