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यमुनानगर.
बचपन में ही सिर से माता-पिता का साया उठ गया। मामा डॉ. एसके विश्वास ने उसे नाहर (हिमाचल प्रदेश) के जवाहर नवोदय विद्यालय में 12वीं तक पढ़ाया जहां टीचर्स ने कभी अभिभावकों की कमी महसूस नहीं होने दी। यहां के इकोनोमिक्स के लेक्चर्स रत्नपाल ने यमुनानगर में डीएवी गल्र्स कॉलेज में संपर्क साधा और कॉलेज ने वर्ष 2006 में मुझे एडॉप्ट कर लिया। कॉलेज प्रबंधन ने ही मेरे रहने, खाने और पाठ्य सामग्री की नि:शुल्क व्यवस्था की।
आज मुझे अपने माता-पिता की ठीक से याद नहीं है और प्रिंसिपल डॉ. सुषमा आर्य और फिजिकल डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष विभा गुप्ता ही मेरे अभिभावक जैसे हैं। यह कहना है डीएवी गल्र्स कॉलेज के बीए फाइनल की छात्रा पाखी विश्वास का। पश्चिम बंगाल के कंडा घाट में जन्मी पाखी बेसबॉल, सॉफ्टबॉल, क्रिकेट और बैडमिंटन की अच्छी खिलाड़ी है और नेशनल लेवल तक खेल चुकी है।