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मुंबई.
मुंबई के युवाओं की बात ही कुछ और है। ये जब भी बोलते हैं, बिंदास बोलते हैं। वे खुद भले ही विवाह पूर्व सेक्स संबंध न बनाएं, लेकिन इसे गलत भी नहीं मानते। मायानगरी के करीब 86 फीसदी युवाओं ने माना है कि शादी से पहले सेक्स में कुछ भी गलत नहीं है। एक सर्वे में युवाओं ने यह भी माना कि लोग विवाहेतर संबंध भी रखते हैं।
इनके बिंदास विचारों की एक झलक रिसर्च एजेंसी ‘आईएमआरएस’ के सर्वे में दिखाई पड़ी। ‘डीएनए’ की तीसरी वर्षगांठ पर मुंबई के युवाओं का दृष्टिकोण जानने के लिए एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे में युवाओं ने सेक्स, देश और निजी जीवन पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
सेक्स एजुकेशन जरूरी :
इन नौजवानों ने खुद को उस पीढ़ी का बताया, जिसके विचार एकदम बिंदास हैं। सार्वजनिक रूप से प्यार का इजहार करने पर 81 प्रतिशत ने सहमति जताई, लेकिन कहा कि स्कूलों में सेक्स एजुकेशन बहुत जरूरी है। ये शादी से पहले एचआईवी टेस्ट को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
पेरेंट्स से नहीं डॉक्टर से करेंगे बात :
ग्लैमर के शहर के ज्यादातर युवाओं ने कहा कि सेक्स संबंधी समस्याओं पर वे अपने माता-पिता या जीवनसाथी के बजाय डॉक्टर या दोस्त से बात करना बेहतर समझेंगे।
भारत में रहकर हैं खुश :
सर्वे के अनुसार मुंबई के अधिकतर युवक-युवतियां भारत, खासकर मुंबई में रहकर खुश हैं और वे अपने भविष्य को लेकर काफी उत्साही भी हैं। उनके अनुसार यहां नौकरियों के मौके और कॅरियर के विकल्पों में इजाफा हुआ है। ये युवा कर्ज लेकर जीवन के निर्वाह में विश्वास रखते हैं। इनका मानना है कि जीवन भर एक ही संस्थान में टिके रहना बीते जमाने की बात हो चुकी है।
परिवार पहली प्राथमिकता :
सर्वे में इन नौजवानों ने गरीबी को लेकर भी आशंका जताई। ये गरीबी को भारत की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं। विकसित राष्ट्र बनने की दौड़ में देश के ग्रामीण क्षेत्र के पिछड़ जाने पर भी युवाओं ने चिंता जताई। मायानगरी के युवाओं ने माना कि वे मोबाइल फोन के बिना नहीं रह सकते हैं। कुछ ने कहा कि सोशल नेटवर्किग साइट्स के बिना वे जीवन के बारे में सोच भी नहीं सकते। फिर भी परिवार के साथ समय बिताने को इन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
एक नजर में युवा मन
-हम नहीं करते लेकिन विवाह पूर्व सेक्स गलत नहीं
-समाज में विवाहेतर संबंधों का चलन है
-प्यार का सार्वजनिक इजहार गलत नहीं
-स्कूलों में हो यौन शिक्षा
-मोबाइल फोन और सोशल नेटवर्किग साइट्स के बिना जीवन के बारे में सोच भी नहीं सकते
-गरीबी देश को आगे ले जाने में सबसे बड़ी समस्या
-भारत में खुश, यहां तरक्की के बहुत मौके हैं
-सेक्स संबंधी परेशानियों पर दोस्त या डाक्टर से बात करेंगे घरवालों से नहीं
आंकड़ों की जुबानी
1. क्या सार्वजनिक स्थान पर चुंबन लेना उचित हैहां : 81 प्रतिशत
नहीं : 3 प्रतिशत
तटस्थ : 20 प्रतिशत
2. क्या देह व्यापार को कानूनी जामा पहनाया जाना चाहिएहां : 77 प्रतिशत
नहीं : 3 प्रतिशत
तटस्थ : 26 प्रतिशत
3. क्या यौन शिक्षा दी जानी चाहिए
हां : 71 प्रतिशत
नहीं : 3 प्रतिशत
तटस्थ : 26 प्रतिशत