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पाली/ जोधपुर.
अहमदाबाद-दिल्ली रेलमार्ग के प्रमुख स्टेशन मारवाड़ जंक्शन से तीन किलोमीटर दूर नृसिंगपुरा गांव के पास मंगलवार सुबह तीन जिंदा बम मिलने से दहशत फैल गई।
जोधपुर सीआईजी जोन के बम निरोधक दस्ते ने तीनों देसी बमों को निष्क्रिय कर दिया है। ये 30 से 40 फीट के घेरे में तबाही मचा सकते थे। पुलिस के अनुसार यह किसी शरारती तत्व की हरकत है। इस बीच श्रीगंगानगर में फोन कर तूफान एक्सप्रेस को उड़ाने की धमकी दी गई। ट्रेन रात 9.25 बजे सुरक्षित गुजर गई। कोई हादसा नहीं हुआ।
बीडीएस टीम का कहना है कि इन बमों को दूर से फेंकने पर विस्फोट नहीं होता। इनमें रस्सी या पेट्रोल से भीगे कपड़े से आग लगानी पड़ती है। आधा-आधा लीटर पैक वाले तीनों डिब्बों में फ्यूज वायर, 20 ग्राम के करीब गन पाउडर, जिलेटिन, चालीस-पचास कांच की गोलियां, एक दर्जन से अधिक र्छे, डेटोनेटर, सेफ्टीक फ्यूज को सीमेंट के घोल में मिलाकर ऐसे बम बनाए गए। पुलिस का कहना है यह किसी शरारती का काम है।
माइंस का विस्फोटक, दंगो में धमाके : मारवाड़ा जंक्शन में मिले तीनों बम शरारती तत्वों ने बनाए थे। इन बमों का इस्तेमाल दंगों में धमाके करने अथवा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जलाने से व्यापक नुकसान किया जा सकता था।
तीनों बमों में मिला गन पाउडर, जिलेटिन तथा फ्यूज वायर बाजार में आसानी से मिल जाता है। यह बैल्ट माइंस इलाका भी है इसलिए ऐसे विस्फोटक का इस्तेमाल माइंड में धमाके करने के काम आता है।
एक्सपर्ट का कारनामा
बम बनाने वाला निश्चित ही एक्सपर्ट था जिसने सीमेंट के घोल में विस्फोटक व र्छे डाल कर आतंक फैलाना चाहता था। आतंकी घटनाओं के बाद तलाशी के भय से उसने ये बम सूनसान जगहों पर फैंक दिए।
>> तीनों बम जिंदा थे, जिनको बीडीएस टीम ने रिफ्यूज कर दिया। इनके फटने से बड़ा हादसा हो सकता था। यह किसी शरारती तत्व की हरकत हो सकती है।
-गिरधारलाल शर्मा, एसपी,पाली।
>> मारवाड़ जंक्शन में मिले जिंदा बम मिलने की सूचना के बाद सीआईजी जोन की बीडीएस टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने डेटोनेटर हटा कर तीनों बमों को डिफ्यूज कर दिया है। यदि ये बम फटते से नुकसान हो सकता था।
- सुमनेश कल्ला, एसपी, सीआईजी जोन, जोधपुर।