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जैसलमेर. अपने ही चाचा की हत्या करने वाले एक व्यक्ति व उसकी पत्नी को जिला एवं सेशन न्यायाधीश सोहनराम मेघवंशी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन पर करीब दो वर्ष पूर्व नाचना कस्बे में यह वारदात कर माल ले कर फरार हो जाने का आरोप था।
11 जुलाई 06 को बृजवल्लभ चांडक ने पुलिस थाना नाचना में रिपोर्ट की थी। इसमें कहा गया था कि दिन में करीब 11.45 बजे जैसलमेर में उसे टेलीफोन पर सूचना मिली कि उसके बड़े भाई की तबीयत बहुत खराब है। इसलिए उसे तुरंत नाचना आने के लिए कहा गया।
वह परिवार के साथ वहां पहुंचा तो उसके बड़े भाई राणीदान की लाश घर के आंगन में पड़ी हुई थी। उस समय संजय कुमार पुत्र हरिवल्लभ की पत्नी श्रीमती सरला ही घर पर थी।
सरला से इस बारे में पूछने पर उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 302/34 के तहत मामला दर्ज किया।
जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में संजय व उसकी पत्नी सरला के खिलाफ भादंसं की धारा 302/34 व 392/34 के तहत आरोप-पत्र पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।