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कोटा. संभागीय आयुक्त कार्यालय में धान की फसल के लिए नहरी पानी देने की मांग को लेकर पर चल रहा किसानों का पड़ाव दूसरे दिन मंगलवार शाम को सीएडी प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हो गया।
किसानों को प्रशासन ने आश्वस्त किया कि अगर बिजली उत्पादन का पानी आता है तो उसे नहरों में छोड़ा जा सकता है। यह पानी भी तब दिया जाएगा जब फसलें खराब होने का अंदेशा होगा।
कार्यवाहक संभागीय आयुक्त व सीएडी आयुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे कलेक्टर अभय कुमार ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से इस दौरान बातचीत की। उधर, किसानों का कहना था कि धान की फसल को पानी नहीं मिला तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उल्लेखनीय है कि किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर सोमवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय पर पड़ाव डाल दिया था।
नहरों को मिले पानी
हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार का कहना था कि चंबल के बांधों से बिजली उत्पादन के दौरान जो पानी डिस्चार्ज किया जाता है, उसे कोटा बैराज से नदी में बहाने के बजाय नहरों में छोड़ा जाए लेकिन सीएडी प्रशासन ने नहरों की मरम्मत के कार्य चलने सहित अन्य तकनीकी बाधाएं बताई थीं।
प्रतिनिधियों ने देखे कार्य
इस पर किसानों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को सीएडी अधिकारियों के साथ बाईं मुख्य नहर के उन स्थानों की भी वस्तुस्थिति देखी जहां मरम्मत कार्य चल रहे थे। फिर कार्यवाहक संभागीय आयुक्त अभय कुमार से बात करने के बाद मंगलवार शाम को धरना खत्म करने की घोषणा की।
मरम्मत कार्र्यो में देरी क्यों
बरई मुख्य नहर के एक्सईएन वीरेंद्रसिंह सागर के साथ बूंदी एवं कापरेन ब्रांच में चल रहे नहरी मरम्मत कार्र्यो का जायजा लेने के बाद किसान प्रतिनिधियों का कहना था कि कई काम तो हाल में शुरू हुए हैं,जबकि इस समय तो मरम्मत पूरी हो जाने चाहिए।
तालेड़ा के पूर्व प्रधान भगवान नुवाल,दोलाड़ा सरपंच नंदकिशोर गुर्जर, गुडली सरपंच रामगोपाल मीणा और अमरजीत सिंह का कहना था कि मरम्मत कार्य भी घटिया स्तर के हो रहे हैं। दूसरी ओर सीएडी के एसई हेमसिंह टाक का कहना है कि सीएम घोषणा की राशि मई माह में आई थी, इसलिए मरम्मत कार्य देरी से शुरू हो सके।
नहरों में पानी छोड़ना परिस्थितियों पर निर्भर करता है। अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो पानी छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिजली उत्पादन का पानी आया तो फसलें खराब होने की स्थिति में ही नहरों में छोड़ा जा सकता है।’
-अभय कुमार, कार्यवाहक संभागीय आयुक्त एवं कलेक्टर