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कोटा.
कोटा के स्कूली बच्चे भी आईआईटी की दौड़ में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपनी बात प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व मानव संसाधन मंत्री तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में दैनिक भास्कर की ओर से जारी संकल्प पत्र भरे।
आईआईटी अभियान में शामिल होने के लिए शिवज्योति कॉन्वेंट स्कूल व एमबी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने भास्कर से संपर्क किया। छात्रों ने कहा कि वे अपनी बात केन्द्र सरकार तक पहुंचान चाहते हैं इसलिए भास्कर उसमें सहयोग करे, उन्होंने इसके लिए संकल्प-पत्र भरने की बात कही। मंगलवार को दोनों स्कूलों के सैंकड़ों छात्रों ने संकल्प-पत्र भरे और केन्द्र सरकार से कोटा में ही आईआईटी खोलने की मांग की।
बच्चों का कहना था कि आईआईटी को राजनीति की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। मानव संसाधन मंत्री को चाहिए कि वे कोटा में ही आईआईटी की घोषणा करें। संकल्प पत्र भरते समय छात्र उत्साह से लबरेज थे। उन्होंने कहा कि आईआईटी उनका भविष्य है, इस बारे में सभी को सोचना चाहिए।
बच्चों में था उत्साह
महावीर नगर स्थित शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल की प्रार्थना सभा में स्कूल डायरेक्टर महेश गुप्ता की अगुवाई में पांच सौ छात्रों ने आईआईटी के लिए संकल्प पत्र भरे। एमबी इंटरनेशनल स्कूल के लगभग चार सौ छात्रों ने भी दैनिक भास्कर द्वारा ‘आईआईटी पर कोटा का हक’अभियान का समर्थन करते हुए संकल्प पत्र भरे। उन्होंने कहा कि नॉलेजसिटी कोटा का आईआईटी पर पहला हक है।
जनजागृति रैली और सभा
आईआईटी आंदोलन की गति बढ़ने लगी है। मंगलवार को लॉयंस क्लब के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा व्यापार संगठनों ने रैली निकाली, वहीं कोटा व्यापार महासंघ के बैनर तले गुमानपुरा में सभा हुई। सभी का एक ही मत है कोटा को आईआईटी मिले। रैली को लॉयंस क्लब 323 ई 2 के उप प्रांतपाल राजेंद्र अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हाथों में नारों लिखी तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में लॉयंस क्लब के पदाधिकारी, सदस्य तथा व्यापार संगठनों के पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए रैली में चल रहे थे। रैली के आगे एक रिक्शा था जिसमें माइक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा था।
लॉयंस क्लब के अध्यक्ष शिवनारायण बाहेती,लॉयंस क्लब कोटा साउथ के अध्यक्ष आरसी धूत,लायंस क्लब हाड़ौती के अध्यक्ष राकेश जैन,लायनेस क्लब अध्यक्ष सुनीता माथुर,प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अनिमेष जैन,जोन चेयरमैन अशोक नुवाल,हाड़ौती उद्योग-व्यापार महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र जैन,कोटा आईआईटी स्थापना संघर्ष समिति के सह संयोजक ईश्वर गंभीर,गुमानपुरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष पार्षद संजय शर्मा,पार्षद आमीन पठान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं भी रैली में शामिल हुई। जनजागृति रैली गुमानपुरा इंदिरा गांधी सर्किल पर जाकर संपन्न हुई।
आंदोलन तेज किया जाएगा : उधर, कोटा व्यापार महासंघ के बैनर तले गुमानपुरा में हुई सभा में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि अब ऐसा आंदोलन किया जाएगा कि केन्द्र कोटा में आईआईटी स्थापित करने को मजबूर हो जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि बिजली, पानी की पर्याप्तता के साथ अगर हवाई सेवाएं सुचारू कर दी जाती हैं तो यह आईआईटी जैसे संस्थान के लिए बेहद उपयुक्त हो जाएगा। बैठक को महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि यह शहर की प्रतिष्ठा का मुद्दा है। संघर्ष समिति के संयोजक राममंत्री ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि यहां आईआईटी नहीं ला पाए तो आने वाली पीढ़ी उन्हें माफ नहीं करेगी। अन्य व्यापारियों ने भी इसमें संबोधन दिया।
सर्वदलीय आमसभा 5 को
आईआईटी स्थापना समिति की ओर से पांच अगस्त को दोपहर तीन बजे टीलेश्वर महादेव मंदिर पर सर्वदलीय सभा रखी गई है। समिति के सहसंयोजक ईश्वर गंभीर ने बताया कि बुधवार को संघर्ष समिति के सदस्य कोटा में एयर कनेक्टिविटी शीघ्र शुरू करने के मामले में उड्डयन मंत्री के नाम ज्ञापन देंगे।
संचालन समिति गठित
आंदोलन के लिए कोटा आईआईटी स्थापना समिति की ओर से संचालन समिति का गठन किया गया है। जिसका अध्यक्ष अनिमेष जैन को बनाया गया है। समिति में 31 सदस्यों को शामिल किया गया है। मुख्य समिति का प्रवक्ता चंद्रप्रकाश श्रंगी को नियुक्त किया गया है।
स्वर बुलंद करें
पूर्व शिक्षामंत्री हरिकुमार औदिच्य ने आईआईटी के मामले में कांग्रेस नेताओं द्वारा खुलकर नहीं बोलने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केवल कोटा का ही प्रस्ताव बनाकर भेजा है। केन्द्र सरकार द्वारा इसे बदलने का प्रयास गलत है। इस मामले में कांग्रेस दोहरी नीति अपना रहा है। स्थानीय नेता कोटा में आईआईटी की मांग तो करते हैं, लेकिन आवाज को बुलंद नहीं करते।
देना ही होगा हक
ड्डकोटा में आईआईटी खोलने से केन्द्र इंकार नहीं कर सकता। यह देश और राज्य के भविष्य से जुड़ा मसला है, इसे राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि नॉलेज और संसाधनों की मेरिट के आधार पर तय करना चाहिए। आईआईटी के तकनीकी मापदंडों की हर कसौटी पर कोटा खरा उतरता है, इसलिए कोटावासियों का यह संकल्प शीघ्र पूरा होना चाहिए।
यहां से आईआईटी को अन्यत्र ले जाने की चेष्टा करना सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से ठीक नहीं होगा। जो आधारभूत सुविधाएं यहां प्रचुरता से मौजूद हैं, उनकी उपेक्षा करना न्यायोचित नहीं है। कोटा में आईआईटी खुलने से उसके प्रोफेसर्स के ज्ञान का लाभ कंसलटेंट के रूप में पूरे पश्चिम क्षेत्र को मिलेगा।
कोटा के इस सपने को पूरा करने के लिए सभी को भागीदार बनना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि भास्कर में प्रकाशित संकल्पपत्र को अवश्य भरें। भास्कर इन संकल्प-पत्रों को प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगा, ताकि हाड़ौती का हक बुलंद हो सके।