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उदयपुर. अहमदाबाद बम धमाकों के बाद उदयपुर में पकड़े गए दोनों संदिग्धों ने उन स्थानों की हवाई यात्राएं भी की हैं, जहां पिछले सप्ताह ही बम ब्लास्ट हुए थे। दोनों ने हाल ही में अहमदाबाद और बैंगलूर की हवाई यात्राएं की थी।
आईबी और खुफिया महकमा उनसे कड़ी पूछताछ कर चुका है। सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान एयर टिकट मिलने से ही उन पर संदेह हुआ था। ‘भास्कर इंवेस्टिगेशन’ में यह सामने आया कि दोनों को उदियापोल स्थित एक होटल से हिरासत में लिया गया था। वहां से किसी अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि यहां पर कुछ लोग बार-बार आकर ठहर रहे हैं। इनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के दौरान जब होटल में रखे उनके सामान की तलाशी ली गई तो कुछ एअर टिकट और पाउडर की शक्ल में केमिकल मिला।
सूत्रों के अनुसार ये लोग पहले उदयपुर से दिल्ली गए। इन्होंने दिल्ली से बैंगलूर, बैंगलूर से अहमदाबाद और अहमदाबाद से जोधपुर तक की हवाई यात्रा की। जोधपुर से यह लोग कार से उदयपुर आए।
पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि वे उदयपुर से दिल्ली किस साधन से गए थे। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में जो भी तथ्य सामने आए, उनकी तस्दीक कर ली गई है। इसमें ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिससे इन्हें बैंगलूर या अहमदाबाद की ब्लास्ट घटना से जोड़ा जा सके।
हवाई यात्राओं के रिकार्ड से इस बात में संदेह होता है कि ठगी करने के साथ शातिर अपराधी भी हो सकते हैं। यह सवाल पुलिस को भी परेशानी में डाले हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार गाजियाबाद निवासी इमरान उर्फ आलमशाह पुत्र लियाकत अली व चित्तौड़ा, मुजफ्फरपुर निवासी अरशद उर्फ रिहान पुत्र मोहम्मद हनीफ 13 जुलाई को उदयपुर आए। वे यहां की एक होटल में ठहरे थे। उसके बाद 20 जुलाई को यह लोग उदयपुर से रवाना हो गए। इस बीच इन लोगों ने दिल्ली, बैंगलूर, अहमदाबाद, जोधपुर की यात्राएं की, जिनके टिकट बरामद हुए हैं। 26 जुलाई को फिर ये लोग जोधपुर से उदयपुर तक कार से आए।
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
>> सामान्य कहे जाने वाले ठगों ने हवाई यात्रा किस मकसद से की ?
>> बैंगलूर व अहमदाबाद क्यों गए और वहां क्या किया?
>> हवाई यात्रा के लिए भुगतान किसने किया?
>> बार-बार उदयपुर आने और यहां ठहरने का मकसद?
>> पुलिस सूत्र इनके पास मिले केमिकल को कैल्शियम बता रहे हैं। लेकिन रसायनशास्त्र के जानकारों का कहना है जादू में धुआं आदि निकालने के लिए कैल्शियम का नहीं, सोडियम, अमोनिया, फास्फोरस आदि का इस्तेमाल किया जाता है।
>> क्या ये ठग पुलिस को भ्रमित करने के लिए तो ऐसी वस्तुएं तो नहीं रखते हैं जो तांत्रिक काम में लेते हैं?
एक महीने के लिए किराए लिया था कमरा
कथित सामान्य ठग इमरान व अरशद पहले 13 जुलाई से 20 जुलाई तक यहां एक होटल में ठहरे थे। उसके बाद इन लोगों ने हवाई यात्राएं की और फिर यहीं आकर उसी होटल में 45 सौ रुपए महीना किराए पर उसी होटल में कमरा ले लिया।
प्लेन से आने की पुष्टि
दिल्ली से इन लोगों के प्लेन से आने की पुष्टि हुई है। जांच कर ली गई है। इनके खिलाफ आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का अभी कोई प्रमाण नहीं मिला है। यह सामान्य ठग हैं।
-राजेंद्र प्रसाद गोयल, एएसपी (सिटी)
ठगी के आरोप में गिरफ्तार
इधर नाई निवासी शशिकांत हरिजन ने सूरजपोल पुलिस को रिपोर्ट दी कि अखबार में छपे विज्ञापन के आधार पर वह एक होटल में गए। जहां पर गाजियाबाद निवासी इमरान उर्फ आलमशाह पुत्र लियाकत अली व चित्तौड़ा, मुजफ्फरपुर निवासी अरशद उर्फ रिहान पुत्र मोहम्मद हनीफ मिले। इन लोगों ने 101 रुपए फीस ली और उसे अगले दिन बुलाया।
इन ठगों ने शशिकांत के सामने पानी में कुछ पाउडर डाला। इससे धुआं हुआ। इन लोगों ने शशिकांत को कहा कि उसकी मां पर किसी बाहरी शक्ति का प्रकोप है और उसके निवारण के लिए 10 हजार रुपए लगेंगे। उसके बाद शशिकांत होटल गया, लेकिन यह लोग उसे नहीं मिले। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में इन लोगों को गिरफ्तार किया है।