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कुछ खास बातें जो इश्मित ने ऑरकुट पर सबसे बांटी थी

लुधियाना.मैं एक सिंपल, ईमानदार और फन लविंग लड़का हूं.झूठे और धोखेबाज लोगों से मुझे नफरत है..नए दोस्त बनाना मुझे अच्छा लगता है..पार्टी में एंजॉय करना दोस्तों के साथ घूमना और भी काफी कुछ करना मेरे शौक हैं.. अगर और कुछ जानना चाहते हैं तो मुझे फोन करें या सक्रेप लिखें मुझे आप से बात करके खुशी होगी..।

ये वो इबारत है जो आम युवाओं की तरह इश्मित ने भी अपने आरकुट प्रोफाइल में अपने बारे में लिखी है। वॉयस ऑफ इंडिया बनने के बाद इश्मीत मुंबई तो जाकर बस तो गया, लेकिन उसका वहां दिल नहीं लगा। हर पल घर की याद सताती थी। इसी बात को जाहिर करने के लिए उसने सबसे ताजा प्रोफाइल में बजाए अपनी फोटो लगाने के एक बुरी तरह से टूटी फूटी कार की फोटो लगाई है और उसके नीचे लिखा है..इश्मित सिंह इज मीसिंग होम नाओ. यानी इश्मित इन दिनों अपने घर-परिवार को काफी मिस कर रहा था और जल्द से जल्द लौटना चाहता था, लेकिन अब बस दहलीज उसका इंतजार करती रहेगी।

वैसे लोकप्रिय कम्यूनिटी साइट ऑरकुट पर इश्मित सिंह के 6 प्रोफाइल हैं, एक सबसे पुराना जब वह एक आम स्कूल का स्टूडेंट था, लेकिन जैसे ही वह वॉयस ऑफ इंडिया में पहुंचा तो उसे फैन्स के मैसेज आने लगे इसके लिए उसने नया प्रोफाइल बनाया। पुराने प्रोफाइल में उसने अपना प्रोफेशन फाइनेंस लिखा था और इस नए अकाउंट में उसने उसे बदल कर सिंगर कर दिया। देखते ही देखते वो प्रोफाइल भी 974 फ्रेंड्स बनाने के बाद फुल हो गया। तो उसने तीसरा प्रोफाइल बनाया जिसमें उसने लिखा कि मेरे दोस्तों के लिए मैंने नया अकाउंट बनाया है, आप यहां पर मुझसे अपनी राय शेयर करें। इस प्रोफाइल में भी उसके 534 फ्रेंड बने थे।

इस प्रोफाइल से आखिरी मैसेज इश्मित ने 28 जुलाई को अपने सुखजोत नामक फैन का हालचाल स्कै्रप करके पूछा था और सुखजोत इस बात से काफी खुश था, लेकिन एक दिन बाद ही वहां पर बस मातम ही मातम है। सबसे पुरानी प्रोफाइल पर 9 जुलाई को आखिरी स्क्रैप आई थी, उसके बाद 29 जुलाई को करीब साढ़े छह बजे उसकी मौत की खबर आई और फिर हर स्क्रैप में उदासी नजर आई। कल से शुरू हुआ सिलसिला अब तक जारी है।

चाचा जी तुसी वढी गड्ढी ले लवो

इश्मित को अपने चाचा चरण कमल सिंह से सबसे ज्यादा स्नेह था। वह अपना कोई भी कार्य करने से पहले उनकी स्लाह लिया करता था और बचपन में जब वह चाचा को गाना गाते देखता तो कहता कि वह भी एक दिन बड़ा गायक बनेगा। डॉ.चरण कमल सिंह ने बताया कि सोमवार को जब इश्मित मालदीव के लिए रवाना हुआ, तो उसने मुंबई से मुझे फोन किया और टूर के बारे में बताने लगा। उसने कहा चाचा जी अब आप बड़ी कार ले लो, आपकी छोटी पुरानी कार अच्छी नहीं लगती। तो मैनें कहा कि हां अब मेरा बेटा स्टार बन गया है, मुझे बड़ी कार ले लेनी चाहिए।





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