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बीकानेर. बुधवार सायं मेडिकल कॉलेज में होली-दीपावली और वैशाखी का मिलाजुला रूप देखा गया। गुलाल उछालकर एक-दूसरे को लगाते मेडिकोज, ढोल की थाप पर थिरकते हुए लगाए जा रहे जिंदाबाद के नारे और इन सबके बीच उठता पटाखों का शोर।
मौका था कॉलेज प्राचार्य डा.डी.पी.पूनिया के तबादले पर हाईकोर्ट की ओर से स्टे ऑर्डर देने का। यह ऑर्डर लेकर जब डा.पूनिया कॉलेज पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। कॉलेज के बाहर ही चल रहे धरने और क्रमिक अनशन पर पहुंचकर उन्होंने मेडिकोज से आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया जिसे मान लिया गया।
क्रमिक अनशन पर बैठे छात्रों को डा.पूनिया ने ज्यूस पिलाया और इसके साथ ही आंदोलन स्थगित करने की घोषणा हुई। इस मौके पर उन्होंने मेडिकोज व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित भी किया। आंदोलन में शामिल रहे संयुक्त संघर्ष समिति के कंट्रोलर डा.जगदीश सिंगड़, हरदानसिंह सहित रेजीडेंट डॉक्टर्स, यूजी स्टूडेंट्स आदि ने भी डा.पूनिया का स्वागत किया।
कई दिनों से शहर में चर्चा का विषय बने हुए इस तबादला मुद्दे में स्टे की सूचना मिलते ही आंदोलन को समर्थन देने वाले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगे। डॉ. जितेन्द्र आचार्य, वॉल्यंट्री ब्लड डोनेशन सोसायटी के अध्यक्ष रूपकिशोर व्यास, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य दिलीप मारवाल, युधिष्ठिरसिंह भाटी, शिवरतन मारु आदि ने डा.पूनिया से मिलकर प्रसन्नता जताई।
इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने जहां कोर्ट के ऑर्डर को सत्य की जीत बताया वहीं सरकार की ओर से तबादला आदेश वापस नहीं लिए जाने की निंदा भी की।
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डा.विनोद बिहाणी, कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डा.वी.के.जैन, एकेडमिक कौंसिल के प्रभारी डा.एन.के.सोनी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा.धनपत कोचर, टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के डा.गुंजन सोनी सहित कई चिकित्सक और कॉलेज के स्टाफ मेम्बर भी कॉलेज पहुंच गए और डा.पूनिया से मिलकर इस आदेश के बारे में चर्चा की।