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उदयपुर.
सावन की झड़ी ने लेकसिटी को दनिभर भिगोया। मंगलवार रात से बुधवार शाम तक ठहर-ठहर कर बरसात होती रही। बुधवार सुबह साढ़े सात बजे के आसपास आसमान में बादल चढ़ आए और पौने आठ बजे के करीब मूसलाधार होने लगी। दोपहर में तगड़ी उमस हुई लेकनि बारशि ने उसे धो डाला।
साढ़े बारह बजे भी पन्द्रह-बीस मनिट के लिए जोरदार बारशि हुई। इसी तरह अपराह्न् साढ़े तीन बजे बाद बादल बरसने शुरू हुए तो आधा घंटे बाद बारशि थमी। बारशि रूकने के बाद फरि तगड़ी उमस महसूस की जाने लगी।
भीगते हुए पहुंचे स्कूल
सुबह स्कूल टाइम के दौरान हुई बारशि में बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। दस-पन्द्रह मनिट लगी बरसात की झड़ी में सड़कें लबालब हो गई। घरों के बाहर ऑटो रिक्शा व बसों का इंतजार करते बच्चे बरसाती व छाता लेने के लिए दुबारा घरों में घुसे।
झमाझम की वजह से कई स्कूली ऑटो बच्चों को लेने पहुंच नहीं सके, ऐसे में अभिभाव बच्चों को स्कूल पहुंचाने गए। बरसात की वजह से स्कूलों में सुबह की सामूहकि प्रार्थना सभाएं नहीं हो सकी, बच्चों को क्लास रूम में प्रेयर करवाई गई। दोपहर को भी पढ़ाई और ट्यूशन आदि से लौटने वाले बच्चों ने भी बरसात में भीगने का आनंद उठाया।
सड़कों पर पानी ही पानी
बुधवार को दनिभर रुक-रुककर हुई बारशि की वजह से शहर की सड़कें लबालब हो गई। आयड़, दुर्गानर्सरी, अशोक नगर, यूनविर्सिटी रोड, बीएन कॉलेज रोड, कलेक्ट्री, शास्त्री सर्कल, दिल्लीगेट आदि स्थानों पर जगह-जगह पानी इकठ्ठा हो गया। अपराह्न् साढ़े तीन बजे के आसपास हुई तेज बरसात के दौरान आवागमन भी प्रभावति हुआ। टू-व्हीलर्स पर चलने वाले लोगों को गाडियां सड़क किनारे लगाकर बारशि थमने की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
खूब बिके नमकीन-मिष्ठान
सुबह से चल रही बरसात की वजह से झीलों की नगरी में मौसम सुहाना हो गया। बारशि के दौरान घरों व दफ्तरों में चटपटे व्यंजन, नमकीन व मिष्ठान के स्वाद उठाए गए। मिष्ठान भंडारों में गर्म जलेबियां, इमरती, मालपुए, मिर्चे बड़े, समोसे-कचौरियां आदि की डिमांड रही। चाय की थड़यिों पर भी दनि भर खूब भीड़ लगी।