अहमदाबाद/सूरत. अहमदाबाद विस्फोटों और सूरत में बम रखने की साजिश में स्थानीय तत्वों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच दल के अधिकारियों ने गुरुवार को यह दावा करते हुए बताया कि दोनों शहरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
280 लोगों से पूछताछ : षड्यंत्र की जांच के सिलसिले में सीबीआई के अलावा मुंबई, हैदराबाद, राजस्थान, उत्तरप्रदेश तथा दिल्ली के पुलिस दल गुजरात के जांच अधिकारियों की मदद कर रहे हैं। सूरत के पुलिस आयुक्त आरएमएस बरार ने जांच की प्रगति के बारे में बताया, ‘हमने 280 लोगों से पूछताछ की, जबकि 90 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया है।’
सुराग मिलने का दावा :
बरार ने षड्यंत्र के बारे में कुछ सुराग मिलने का दावा तो किया, लेकिन इनका ब्योरा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा,‘ऐसे बड़े आतंकी अभियानों को स्थानीय नेटवर्क के बिना अंजाम देना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों के सहयोग के बिना बमों को रखना, स्थानों का चयन और विस्फोटक सामग्री का परिवहन मुश्किल है।’
स्टाक एक्सचेंज खाली कराया :
अहमदाबाद स्थित मॉलों में अतिसतर्कता बरती जा रही है। उधर, वड़ोदरा स्टॉक एक्सचेंज में बम रखे जाने की धमकी वाला पत्र मिलने के बाद उसे खाली करा लिया गया।
कैमरा फुटेज से मदद नहीं:
मुंबई से मिली खबर के मुताबिक अहमदाबाद श्रंखलाबद्ध विस्फोटों के लिए नवी मुंबई से कार चुराने वालों के बारे में जानकारी जुटाने के लिहाज से क्लोज सर्किट कैमरा फुटेज से कोई नतीजा नहीं निकला है। पुलिस अधिकारियों ने ठाणो के टोल बूथों पर लगे कैमरों के फुटेज की जांच के बाद यह जानकारी दी।