इंदौर. सावन के तीसरे सोमवार पर हरियाली तीज होने से मंदिरों में श्रद्धालु महिलाओं की खासी भीड़ रही। मंदिरों में आकर्षक श्रंगार किया गया और लोगों ने शिवालयों में कतार लगाकर दर्शन किए। हालांकि तीसरा सोमवार सूखा ही बीता। दिन में बादल छाए जरूर लेकिन बिना बरसे चले गए।
हरियाली तीज होने के कारण सोमवार को शहर के नेहरू पार्क, गांधी हॉल परिसर, बाणगंगा कुंड, श्रीराम मंदिर पंचकुइया, अन्नपूर्णा मंदिर सहित कई बगीचियों में महिलाओं के जत्थे पहुंचे। वहां भजन-गीत गाए, झूला झूला, गेम्स खेले और सोमवार का व्रत छोड़ा। इसके लिए वे टिफिन में भोजन लेकर आईं। इस दौरान लोगों ने पिकनिक का लुत्फ भी उठाया।
नेहरू पार्क में नामदेव महिला मंडल की सदस्याओं ने दोपहर से शाम तक पार्क में लुत्फ उठाया। तारामणि वर्मा, सावित्री वर्मा, प्रेमबाई, चंद्रकांता लखमा, सरोज चिड़वाल, ज्योति लोहारिया, किरण गोठवाल, कमला झाकुल सहित करीब 50 महिलाओं ने सोमवार का उपवास पार्क में ही छोड़ा।
लाबरिया भेरू क्षेत्र से सीताबाई, हेमलता राठौड़, पुष्पा राठौड़, आशा राठौड़ आए थे और हंसी-ठिठौली के बीच भोजन कर रहे थे। सर्वहारानगर की रामप्यारीबाई ने 10-12 लोगों के साथ नेहरू पार्क में उपवास छोड़ा। तुलसीबाई ने बताया आमतौर पर हम लोग घर से बाहर ही नहीं निकल पाते हैं इसलिए इस सोमवार का उपवास छोड़ने बगीचे में आ गए हैं।
हीरानगर सुखलिया के मंदिर परिसर में भी महिलाओं ने पूजा के साथ भोजन किया। अर्चना उपाध्याय ने कहा हरियाली तीज पर सोमवार होने से अधिकांश लोगों ने बगीचों में भोजन किया।
बाणोश्वर महादेव की सवारी निकली
बाणोश्वर कुंड से निकली भोलेनाथ की सवारी का रास्तेभर सवारी का स्वागत आतिशबाजी से किया गया। सवारी में गंगा अवतार, बर्फ से बने हुए शिवलिंग, मयूर नृत्य और शिव पार्वती की परिक्रमा करते हुए गणोश और कार्तिक को झांकी ने लोगों को आकर्षित किया।
भगवान बाणोश्वर के रथ को फूलों से सजाकर निकाला गया। यात्रा में मुख्य रूप से महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, पूर्व विधायक रामलाल यादव, पं. कृपाशंकर शुक्ला, प्रमोद टंडन, विजेंद्रसिंह चौहान आदि ने भाग लिया। मूलचंद यादव, प्रदीप यादव, मुकेश यादव, शंकर नैनवा, अनूप शुक्ला आदि ने यात्रा का संयोजन किया।
11 किस्म के फूलों से हुआ श्रृंगार
मनकामनेश्वर कांटाफोड़ मंदिर में शाम को फूल बंगला सजाया गया। सुबह महादेव का 21 पंडितों द्वारा रूद्राभिषेक किया गया। ट्रस्ट के बी.के. गोयल ने बताया मंदिर में 11 किस्म के फूलों से भगवान का सुंदर फूल बंगला सजा। शाम को महाआरती में महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा और पार्षद अरविंद बागड़ी ने भाग लिया। अमृत पैलेस कॉलोनी स्थित महामृत्युजंय मंदिर पर सुबह 8.30 बजे इंदौर, मुंबई और राजस्थान के 11 विद्वानों द्वारा दुग्ध मिश्रित सहस्र धारा से अभिषेक हुआ। किशोर गोयल ने बताया एक हजार घरों से लाए गए जल यहां लाया गया। शाम को फूल बंगला सजाया गया।
गोयलनगर में शिव बने श्रीकृष्ण
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर गोयलनगर में पं. चंद्रभूषण व्यास के सान्निध्य में भगवान शिव का श्रीकृष्ण के वेश में श्रंगार किया गया। दिनेश माहेश्वरी, मनोहर सोलंकी के साथ ही महिलाओं ने भी श्रंगार और पूजन-अर्चन में हिस्सा लिया। चित्रा हनोतिया, पूर्णिमा गुप्ता, प्रीति त्रिवेदी और शारदा सोलंकी ने भजनों की प्रस्तुति दी।
वैष्णवधाम में शिव परिवार को सजाया
बिचौली मर्दाना मुख्य मार्ग स्थित श्री वैष्णवधाम में सुबह जलाभिषेक किया गया। इसके बाद जाग्रति महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन किए गए। विनोद अहलूवालिया, प्रभा खुराना, उषा पोपली, सरिता छाबड़ा, उषा बंसल ने बताया शिव परिवार का आकर्षक श्रंगार किया गया।
गोपेश्वर महादेव मंदिर में झूले भोलेनाथ
गांधी हॉल स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर में भगवान को नीलकंठ स्वरूप में सजाकर झूले पर विराजित किया गया। शाम से ही इस नयनाभिराम झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। देर रात तक मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी। सुबह ब्रrा मुहूर्त मेंरुद्राभिषेक के साथ ही अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
नमक-चमक अभिषेक हुआ
उमियाधाम राऊ-रंगवासा में नमक-चमक के साथ रुद्राभिषेक किया गया। मुख्य यजमान जुगलकिशोर माहेश्वरी के सानिध्य में आयोजन हुआ। वे 20 दिन से वर्षा के लिए उपवास कर रहे हैं। वरुण देवता की प्रसन्नता के लिए भी 1100 आहुतियां यज्ञ में डाली गईं।
गुलरेश्वर और गुटकेश्वर में लगा मेला
गुलरेश्वर महादेव मंदिर, एमटीएच कंपाउंड में सुबह से भक्तों की कतार लगी। यहां घृताभिषेक हुआ। फूलों और पत्तियों से भगवान का मनोहारी श्रंगार किया गया। गुटकेश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ का मावा और मेवों से आकर्षक श्रंगार किया गया। शाम को झांकी के दर्शन केलिए मंदिर परिसर में भक्तों का मेला लग गया।
लगे फव्वारे- छाई हरियाली
बारिश की कामना के साथ अनादिकाल तपेश्वर महादेव मंदिर सुभाष चौक में फव्वारे लगाए गए और हरियाली का श्रंगार किया गया। मुकेश पंडित ने बताया मंदिर को फूल-पत्तियों से सजाया गया। सुबह रुद्राभिषेक और शाम को विशेष आरती की गई।