इंदौर. वनरक्षक बनाने के नाम पर खरगोन, बड़वानी व बुरहानपुर के 90 से ज्यादा युवकों से 18 लाख रुपए ठग लिए गए। यह करतूत खुद को वनमंत्री विजय शाह का दोस्त बताने वाले राजेंद्र बघेल ने की।
सभी को परीक्षा से पहले ही नियुक्ति पत्र देने के नोटिस भी दिए गए। उसके बाद ठग गायब हो गया और लोग तलाश रहे हैं। हालांकि कोई पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। उधर, वनमंत्री को तो मामले की जानकारी ही नहीं।
राजेंद्र ने सारा षड्यंत्र अप्रैल-मई में रचा। मई अंत में जारी फर्जी नोटिस में सभी को खबासा रेंज, बालाघाट में नियुक्ति दी गई। उसके तत्काल बाद ठग ने फिर से नियुक्ति देने की बात कहकर सभी को बालाघाट जाने से रोका भी। बेड़िया (खरगोन) के राधेश्याम पिता रतन चौहान ने बताया मई में 20 हजार रुपए लेकर मुझे कहा तुम्हारी सीधी भर्ती कर ली गई है। बालाघाट जाकर नियुक्ति पत्र ले लेना।
अर्दला (खरगोन) निवासी बदिया नार्वे के मुताबिक मैं दोस्तों छन्नू व भाईचंद के साथ भोपाल गया था। हमने राजेंद्र को 25-25 हजार रुपए मंडीदीप में दिए। उसने कुछ दिन बाद बालाघाट जाकर नियुक्ति पत्र लेने को कहा और दो दिन बाद ही खरगोन में ही पोस्टिंग दिलवाने की बात कही। अब उससे संपर्क ही नहीं हो रहा है।
बातों से जीता दिल
ढुकलान (बुरहानपुर) के जगदीश शिंदे के मुताबिक राजेंद्र ने खुद को भोपाल का डिप्टी रेंजर बताया और मो. नंबर (98275-83557) भी दिया जो अब नहीं लग रहा है। वह मंत्री श्री शाह को दोस्त बताता था और बातों में दिल जीत लिया जिससे कोई शक भी नहीं हुआ।
गोपालपुरा (खरगोन) के किशन पिता रामलाल ने पिता की जमीन गिरवी रखकर पैसा इकट्ठा किया। अब उन्हें पैसा डूबने की जानकारी देने की स्थिति में भी नहीं। भारसिंह व नटवर ने भी उसे 25-25 हजार रुपए दिए।
नहीं मिले नियुक्ति पत्र
वनरक्षकों की लिखित परीक्षा 30 जून को पूरे प्रदेश में एकसाथ हुई थी। उसमें चयनित उम्मीदवारों को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। ये वही वनमंडल जारी करेगा जहां नियुक्ति होना है।
खवासा रेंज ही नहीं वहां
राजेंद्र ने जिस खवासा रेंज के नियुक्ति पत्र के नोटिस दिए बालाघाट में ऐसी कोई रेंज ही नहीं। इसकी पुष्टि वनरक्षक भर्ती परीक्षा के बालाघाट वनमंडल के नोडल अधिकारी व वनमंडलाधिकारी एस. मजूमदार ने भी की और बताया हमारे पास अभी तक फर्जी नियुक्ति का कोई मामला नहीं आया है।