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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. वन विभाग द्वारा 20 जुलाई 2007 को वनसेवा 1967 में संशोधन किया गया था। इसके तहत विभाग में ईमानदारी व बेहतर ढंग से अपना कार्य संपादित करने वालों को समय पूर्व पदोन्नति दी जानी थी। इस निर्णय का प्रकाशन राज्यपाल के नाम से गजट में भी किया गया था। इसी के अंतर्गत कर्मचारी अशोक सोनवानी का प्रमोशन कर दिया गया। इस प्रमोशन का हवाला देते हुए वन विभाग जगदलपुर में डिप्टी रेंजर के रूप में पदस्थ याचिकाकर्ता एचएल सिदार ने भी प्रमोशन के लिए विभाग में अभ्यावेदन दिया। अधिकारियों ने सर्विस रिकार्ड बेहतर पाए जाने की स्थिति में उन्हें जल्द ही पदोन्नत करने का आश्वासन दिया।
इधर कर्मचारी संगठन ने इस नियम का विरोध करते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। रोक नहीं लगाने की स्थिति में हड़ताल करने की चेतावनी भी दी गई थी। ऐसी स्थिति में वनसचिव ने 21 अप्रैल 2007 को इस पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ता द्वारा वन सचिव के आदेश को यह कहते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई कि विधायिका द्वारा दिए गए निर्णय को निरस्त करने संबंधी अधिकार सचिव के पास नहीं हैं।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सतीश अगिAहोत्री ने वनसचिव के आदेश पर रोक लगा दी है। सुनवाई में यह भी कहा गया कि वन सचिव द्वारा जारी किया गया आदेश उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। मामले में वनसचिव एवं राज्य शासन को नोटिस जारी किया गया है।