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‘भगवान भी इस देश की मदद नहीं कर सकता’

नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी आवासों से अवैध कब्जों को हटाने के मामले में केंद्र और राज्य सरकारों के ढीले रवैए पर यह कहकर नाराजी जाहिर की कि भगवान भी इस देश की सहायता नहीं कर सकता। जस्टिस बीएन अग्रवाल और जीएस सिंघवी की पीठ ने शीर्ष राजनीतिज्ञों, अफसरों, न्यायाधीशों, पत्रकारों और अन्य के सरकारी आवासों से अवैध कब्जों को तत्काल हटाने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

याचिकाकर्ता एसडी बंदी ने सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए लोगों से विलंब शुल्क की वसूली के लिए भी कदम उठाने का अनुरोध किया जो करोड़ों रुपए तक पहुंच चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केंद्र और अधिकतर राज्य सरकारी आवासों में अवैध रूप से रह रहे कब्जाधारियों को अतिक्रमणकारी घोषित करने के लिए सार्वजनिक परिसर अधिनियम में संशोधन करने के साथ ही उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा ४४१ के तहत कार्रवाई करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। कोर्ट ने कहा केंद्र सरकार कानून का पालन नहीं कराना चाहती इसे ध्यान में रखते हुए धारा ४४१ मे संशोधन करने के लिए कोई भी अनुरोध नहीं किया। पहले यह कहा जाता था कि इस देश को भगवान ही बचा सकता है लेकिन अब हमें लगता है कि भगवान भी इस देश की सहायता नहीं कर सकता और वह केवल एक मूकदर्शक ही बना रहेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र ने न्यायालय में कहा था कि इस अधिनियम में संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है।





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Manish Shrivastava
Wednesday, 6th Aug 2008, 8:29
This is very nobody can do anything about India anymore. The corrupt politicians have ruined the whole country. The biggest demoracy in world in a mere puppet in the hands of these politicians. This is such a shame on our part that we the peopel of India who elect our representatives are useless. I was so amazed and pissed off onhow congress bought the MPs recently to prove their majority. These people who don't have any moral run our country. These poiliticians are missuning our trut and tax payers resources. Even the Hgcourt couldn't get these mornos out of the government allocated houses. What a shame?
chandresh
Wednesday, 6th Aug 2008, 9:57
वॆसॆ भी यह् दॆश भगवान भरॊसॆ ही चल रहा है........ भ‌ग‌वान भला क‌रॆ!