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सिमी पर लगा प्रतिबंध हटा

नई दिल्ली.दिल्ली हाईकोर्ट के विशेष ट्रिब्यूनल ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। सिमी पर दो साल पहले अवैधानिक गतिविधि निरोधक कानून के तहत पाबंदी लगाई गई थी।

ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को सुनाए फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार ने इस पाबंदी को आगे भी जारी रखने के समर्थन में कोई पुख्ता प्रमाण पेश नहीं किया है, लिहाजा इसे बरकरार रखने का कोई औचित्य नहीं बनता है। ट्रिब्यूनल के इस फैसले का जहां सिमी के पूर्व पदाधिकारियों ने स्वागत किया है, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा।

कारण बताएं : ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष जस्टिस गीता मित्तल ने अपने 267 पेज के फैसले में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को यह बताना चाहिए था कि सिमी पर पाबंदी लगाने के लिए उसके पास कौन से कारण मौजूद थे। उधर, सरकार ने सिमी पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना का यह कहकर बचाव किया कि वह सिमी जैसे किसी संगठन को सिर्फ शक की बुनियाद पर भी प्रतिबंधित कर सकती है। एडीशनल सॉलिसिटर जनरल कल्याण पटनायक ने कहा कि सिमी अभी भी सांप्रदायिक और देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त है। ट्रिब्यूनल के सामने सिमी के वकील मोबिन अख्तर ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार के पास उसके पक्षकार के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, लिहाजा पाबंदी हटा दी जानी चाहिए।

तीसरी बार प्रतिबंध :

सिमी पर केंद्र ने 2001 में पहली बार प्रतिबंध लगाया था। उस समय सरकार ने खुफिया एजेंसियों के हवाले से यह तर्क पेश किया था कि सिमी के सदस्य आतंकी संगठन लश्करे तैयबा में शामिल हो रहे हैं, साथ ही वह देश में आतंकी संगठनों की मदद भी कर रहा है। दो साल बाद ही ट्रिब्यूनल के तत्कालीन अध्यक्ष जस्टिस आरसी चोपड़ा ने प्रतिबंध को हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद केंद्र ने 2006 में मालेगांव विस्फोट के बाद सिमी पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना जारी की थी।

बड़ा झटका :

ट्रिब्यूनल के फैसले से केंद्रीय गृह मंत्रालय को बड़ा झटका लगा है। मंत्रालय के प्रवक्ता ओंकार केडिया ने कहा कि संभवत: ट्रिब्यूनल ने तकनीकी बिंदुओं पर सिमी से पाबंदी हटाने की बात कही है। मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो इस फैसले से न केवल विभिन्न आतंकी मामलों की जांच पर असर पड़ेगा, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जांच एजेंसियों की साख भी प्रभावित हो सकती है।

अब मंत्रालय ने भूल सुधार के रूप में आईबी, दिल्ली पुलिस और विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों से सिमी से जुड़े सारे सबूत पेश करने को कहा है। मंत्रालय ने भाजपा शासित राजस्थान में हाल के बम धमाकोंऔर मध्यप्रदेश में सिमी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मिले सबूतों को भेजने के भी निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने संस्था पर से प्रतिबंध हटाया है। इसे लेकर पसोपेश की स्थिति नहीं है। यदि उसके सदस्य किसी तरह की अनुचित गतिविधि चलाते हैं तो उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- हिम्मत कोठारी, गृह राज्य मंत्री मप्र





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