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अजमेर. संभाग में बीते दिनों से जारी बारिश का दौर मंगलवार को भी नहीं थमा। भारी बरसात से नागौर के मूंडवा इलाके में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इधर किशनगढ़ के दादिया कटसूरा व चौसला तालाब टूटने के कगार पर हैं।
अजमेर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी तेज बारिश की खबर है जबकि शहर में पानी नहीं पड़ा। नागौर के अनेक इलाके जलमग्न हो गए और घरों में घुटनों तक पानी भर गया। मंगलवार तड़के साढ़े पांच बजे शुरू हुई बारिश ने शहर में पानी ही पानी कर दिया।
मूंडवा में मंगलवार सुबह तेज वर्षा से लाखोलाव तालाब ओवरफ्लो होने से पानी पटरियों की ओर चल पड़ा। पानी के तेज बहाव से रेल पटरियां झूलने लग गईं हैं। इससे रेल यातायात बाधित हो गया। उधर, प्रदेश में भी जोरदार बारिश का दौर जारी है। जोधपुर के जसवंत सागर बांध के ओवरफ्लो होने से दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है। मारवाड़ में सभी जगह बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं।
किशनगढ़ उपखंड में मंगलवार सुबह हुई ताबड़तोड़ बारिश ने ताल-तलैया लबालब कर दिए वहीं कई गांवों में कच्चे मकान व दीवारे धाराशाही हो गए।
मात्र तीन घंटे में हुई बारिश ने गांवों में स्थित ज्यादातर तालाबों में पानी-पानी कर दिया। उधर, खेतों में गर्मी से जल रही फसलों को बारिश ने जीवनदान दे दिया। हांलाकि ज्यादा बारिश से नाड़ियों व तालाब में उगी फसल पानी में डूब गई। मूंडवा में पटरियां क्षतिग्रस्त होने से इधर से गुजरने वाली सभी गाड़ियों को नागौर, नोखा व मेड़ता रोड़ मे ही खड़ा कर दिया गया।
सुबह करीब आठ बजे बंद हुआ रेल यातायात सायं करीब छह बजे प्रारम्भ हो सका। भारी बारिश के कारण पूरे कस्बे में पानी ही पानी हो गया। कच्ची बस्तियां पानी में डूब गई। बारिश का पानी पटरियों के ऊपर से बहने लगा और पानी के तेज बहाव से पटरियों के नीचे की गिट्टी निकल गई और पटरियां हवा में तैरने लग गई। हावड़ा और इंटरसिटी को निकालने के बाद रेल यातायात पूर्णत: रोक दिया गया।
रेलवे टीम ने दिखाई तत्परता
रेल्वे की टीम की तत्परता से बंद यातायाता को सुचारू किया जा सका। लाखोलाव तालाब से आ रहे पानी के वेग को कम करने के लिए जेसीबी मशीन मंगवाई गई। मगर यह मशीन भी यहां कारगर साबित नही हो सकी। मशीन ही यहां की गिली मिट्टी में फंस गई। रेलवे की गेंगमेन टीम ने अपनी तत्परता दिखाते हुए पटरियों की ओर पानी के बहाव को रोका।
नावां शहर में भी झमाझम
क्षेत्र में मंगलवार को करीब तीन घंटे तक झमाझम हुई। मूसलाधार बारिश से सड़कें दरिया बन गई। वहीं तहसील परिसर तालाब में तब्दील हो गया। उधर, सड़कों के किनारे स्थित चाय की थड़ियां भी जलमग्न हो गई। सुबह छह बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब तीन घंटे तक चलती रही। उधर, छगन लाल सोनी का मकान पानी से घिर गया एवं तल घरों में पानी ही पानी हो गया।
सूचना मिलते ही नगरपालिका के सेनेटरी इंसपेक्टर प्रदीप कुमार गौतम वहां पहुंचे और तहसीलदार भगवान सहाय सैनी के मार्गदर्शन में मशीनों की सहायता से घर से पानी को बाहर निकलवाया। तहसीलदार सैनी ने बताया कि जो स्थान गहराई में हैं। वहां के आम जन बारिश के दिनों में सावधानी बरतें एवं किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर प्रशासन को सूचना दें।
छोटे वाहन हुए बाधित
नावां से सांभर के मध्य राजमार्ग पर राजास गोविन्दी सड़क मार्ग पर अधिक पानी का भराव होने से छोटे वाहन बाधित हो गए हैं। छोटे वाहन चालक इस रास्ते से नहीं आ रहे हैं। जिसके कारण आम जन को परेशानी हुई। नावां से जयपुर मार्ग का मुख्य रास्ता होने के कारण छोटे वाहन चालकों को अन्य रास्तों से अधिक दूरी तय करके जयपुर जाना पड़ रहा है।