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कोटा. आईआईटी की स्थापना की मांग अब प्रधानमंत्री से की जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को टीलेश्वर मंदिर में हुई सर्वदलीय आमसभा में लिया गया।
कोटा आईआईटी स्थापना संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आईआईटी के लिए कोटा की मांग दिल्ली पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री व मानव संसाधन मंत्री से मिले। मिलने से पहले उनसे समय लिया जाए। प्रतिनिधिमंडल में सभी वर्ग के लोगों को शामिल किया जाए। बैठक में सभी ने आईआईटी के लिए संघर्ष जारी रखने का सामूहिक निर्णय लिया।
हक मिलने तक नहीं लेंगे चैन
टीलेश्वर भवन में मंगलवार को आईआईट के मसले पर आयोजित सर्वदलीय सभा में शहर के गणमान्य नागरिकों ने फिर दोहराया कि इस मसले पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और श्रेय कोई भी ले, लेकिन शहर को अपना हक मिलना चाहिए। सभा की अध्यक्षता करते हुए स्वतंत्रता सेनानी आनंद लक्ष्मण खांडेकर ने कहा कि कोटा में आईआईटी खुले।
इस बारे में सबकी एक राय है लेकिन जनता का समर्थन हासिल करना चाहिए। इसके लिए तथ्यात्मक चीजों को संग्रहित कर जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि कोटा में आईआईटी क्यों हो, इस बारे में एक विवरणिका तैयार की जानी चाहिए। इस विवरिणका को लोकसभा के सत्र के दौरान प्रत्येक सदस्य के हाथों में वितरित करनी चाहिए।
श्रेय किसी को भी मिले
पूर्व नगर विकास न्यास अध्यक्ष हरिकृष्ण जोशी ने कहा कि आईआईटी का श्रेय किसी को मिले। हमें आईआईटी चाहिए। सिटीजन फोरम फॉर हायर एजुकेशन के अध्यक्ष डॉ.केएस राजोरा ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रभाव डालने का प्रयास करना चाहिए।
हक नहीं जाने देंगे
कोटा व्यापार महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष बृजमोहन मालवीय ने कहा कि आईआईटी पर कोटा का हक है, इसे बाहर नहीं जाने देंगे। फोर्टी के उपाध्यक्ष गुलाबचंद विजय ने कहा कि आईआईटी के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। फोर्टी के ही राजेन्द्र गंभीर ने कहा कि केन्द्र सरकार को विचार कर कोटा में स्थापित करने का निर्णय ले लेना चाहिए। चेम्बर्स आफ कॉमर्स के अध्यक्ष रामकल्याण लड्ढा ने सुझाव दिया कि दिल्ली में जाकर धरना दिया जाए।
लड़ाई आवश्यक
पूर्व विधायक हरीश शर्मा ने कहा कि शांति से हमें हक मिलने वाला नहीं है। इसके लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़नी पड़ेगी। पूर्व शिक्षा मंत्री हरिकुमार औदिच्य ने सुझाव दिया कि सभी राजनीतिदल, सामाजिक, स्वयंसेवी, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों को दिल्ली जाकर धरना देना चाहिए।
भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन श्रृंगी ने कहा कि सभी का अस्मिता का सवाल है। इस संबंध में दिल्ली जाकर बात करना चाहिए। न्यास के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए।
आरोप प्रत्यारोप नहीं हो
प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य पंकज मेहता ने कहा कि आईआईटी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए। कांग्रेस के नेता बिट्ठल खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि आंदोलन में राजनीति बीच में नहीं आनी चाहिए। वरिष्ठ नागरिक संस्थान के उपाध्यक्ष रणवीरसिंह ने कहा कि आंदोलन को प्रभावशाली बनाना चाहिए।
शिवसेना के सुरेन्द्र सोमा ने कहा कि पहले कोटा कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन करना चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विशाल जोशी ने कहा कि बिना आक्रमण के आईआईटी नहीं मिलने वाली है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चक्रपाणि गौतम एवं रामेश्वर सुवालका ने कहा कि केन्द्र पर दबाव बनाना चाहिए।
हम कमजोर पड़ रहे हैं
वकील दिनेश भारद्वाज ने कहा कि राजनीति नेतृत्व में हम कमजोर पड़ रहे है। कॉमर्स कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पीएन गुप्ता ने सुझाव दिया कि दिल्ली में प्रदर्शन करना चाहिए। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महेश विजय ने भी यही सुझाव दिया। इसी तरह किशोर मदनानी ने कहा कि जनप्रतिधियों को लोकसभा एवं राज्यसभा में पुरजोर शब्दों में बात रखनी चाहिए। बहुजन पार्टी के कुंदन चीता, सुनील जैन, कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक मनोज दुबे एवं छात्रा स्वाति बाहेती ने एकजुटता से आंदोलन चलाने का सुझाव दिया।
प्रार्थना सभा कर रैली निकाली
आईआईटी की स्थापना की मांग को लेकर गांधी चौक स्थित महात्मागांधी पार्क में रामपुरा क्षेत्र के बच्चों ने जफर मोहम्मद के नेतृत्व में प्रार्थना सभा आयोजित की। बच्चों ने राजनेताओं को सद्बुद्धि दिए जाने की प्रार्थना की। इसके बाद बच्चों ने रामपुरा क्षेत्र में रैली निकाली।
ण्मोकार मंत्र का पाठ
दिगम्बर जैन समाज विज्ञाननगर की ओर से मंदिर परिसर में ण्मोकार मंत्र का जाप किया गया। समिति के अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने बताया कि पाठ में सभी समाज के लोगों ने भाग लिया। इधर, गोपेश्वर महिला मंडल शॉपिंग सेंटर की महिलाओं ने शिव चालीसा का पाठ तथा भजन कीर्तन कर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। मंडल की अध्यक्ष कृष्णा खंडेलवाल ने बताया कि पाठ में सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने भाग लिया।
सौ निवेदन पत्र सौंपे
आईआईटी की स्थापना के लिए मंगलवार को 100 व्यापारिक संस्थानों ने मानव संसाधन मंत्री के नाम लिखे निवेदन पत्र आईआईटी स्थापना संघर्ष समिति को छावनी में आयोजित सभा के दौरान सौंपे। छावनी वाणिज्य संगठन की ओर से छावनी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष हुसुनुद्दीन व सचिव हेमेंद्र बाठिया ने कहा कि आंदोलन में वे पूरी तरह से संगठन के साथ हैं। वे उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि अब इस आंदोलन में सामाजिक, स्वयंसेवी, धार्मिक व शैक्षणिक संस्थाओं को भी शामिल कर रहे हैं। उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह साहनी ने कहा कि महासंघ ने जिस भी आंदोलन को शुरू किया उसमें सफलता हासिल की है। सभा के बाद 100 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महासंघ के पदाधिकारियों को हस्ताक्षर युक्त निवेदन पत्र सौंपे।
रैली निकाली
सभा के बाद व्यापारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर छावनी चौराहे तक रैली निकाली और आईआईटी के लिए नारेबाजी की। बाद में रैली के रूप में वापस सभा स्थल पहुंचे।
दादाबाड़ी में प्रदर्शन आज
कोटा टेंट डीलर्स एसोसिएशन की ओर से सुबह साढ़े 8 बजे दादाबाड़ी छोटे चौराहे पर आईआईटी को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।