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बैठक खत्म: संघर्ष समिति से होगी बात

नई दिल्ली.केंद्र ने बुधवार को अमरनाथ श्राइन बोर्ड विवाद मामले पर आहूत सर्वदलीय बैठक के बाद सभी पार्टियों का एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू भेजकर वहां के हालात का जायजा लेने का निर्णय लिया है। ऐसे भी संकेत मिले हैं कि केंद्र जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा को वापस नहीं बुलाएगा।

साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्थिति सामान्य बनाने के लिए सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का भरोसा जताया। बैठक में सभी दलों ने स्थिति सामान्य बनाने के लिए लोगों से शांति और संयम का अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री की ओर से जारी बयान के मुताबिक सभी राजनीतिक दलों ने जम्मू की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। सिंह ने सभी पक्षों से समस्या को सांप्रदायिक रंग नहीं देने की अपील की क्योंकि इससे देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को चोट पहुंचती है।

जमीन अस्थाई उपयोग के लिए :

चार घंटे तक चली बैठक के बाद विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा, ‘यह बात सभी को समझनी होगी कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन अस्थाई उपयोग के लिए दी गई थी। अब जमीन के संबंध में कोई भी निर्णय फारेस्ट एक्ट के तहत ही हो सकता है।’ मुखर्जी ने राज्यपाल को हटाए जाने संबंधी सवाल को यह कहकर टाल दिया कि इस पर चर्चा का यह माकूल वक्त नहीं है। केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटील ने कहा कि जम्मू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों से संयम से काम लेने को कहा गया है।

कठुआ में सेना की फायरिंग, एक मरा

जम्मू . अमरनाथ भूमि विवाद थमने की बजाय लगातार उग्र होता जा रहा है। बुधवार को कठुआ में उग्र प्रदर्शन के दौरान सेना की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं विभिन्न कफ्यरू ग्रस्त इलाकों में एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। लोगों पर विरोध का जुनून इस कदर हावी है कि जम्मू में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कफ्यरू के दौरान सेना से बचने के लिए तवी नदी में छलांग दी। इस बीच श्री अमरनाथ संघर्ष समिति ने फिर दोहराया है कि श्राइन बोर्ड को भू-आवंटन रद्द करने वाला आदेश वापस लेने से कम पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

कफ्यरूग्रस्त कठुआ में बुधवार को जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सेना को फायरिंग करनी पड़ी। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एसडी गोस्वामी के मुताबिक फायरिंग में कठुआ के पल्ली मोढ़ में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

13 अगस्त को बजरंग दल का देशव्यापी चक्काजामश्राइन बोर्ड से जमीन वापस लेने और जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित दमनकारी नीति अपनाने के विरोध में बजरंग दल ने 13 अगस्त को देशव्यापी चक्काजाम की घोषणा की है। जम्मू में एक प्रेस वार्ता में बजरंग दल के राष्ट्रीय समन्वयक राकेश शर्मा ने कहा, ‘हम सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध जताने के लिए 13 अगस्त को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक देशव्यापी चक्काजाम करेंगे।’

यासीन मलिक का अनशन जारी जम्मू क्षेत्र में मुस्लिमों और ट्रक ड्रायवरों पर हो रहे कथित हमलों के विरोध में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फंट्र (जेकेएलएफ) के चेअरमैन मोहम्मद यासीन मलिक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं, हुर्रियत कांफ्रेंस के चेअरमैन सैयद अली शाह गिलानी को दूसरे दिन भी नजरबंद रखा गया।

कफ्यरू में ढील : उधर, उधमपुर में बुधवार सुबह कफ्यरू में तीन घंटे की ढील दी गई। इस दौरान करीब 400 प्रदर्शनकारी राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। इसे देखते हुए 10 बजे से कफ्यरू फिर लागू कर दिया गया। जम्मू और भदेरवाह में भी कुछ समय के लिए कफ्यरू में ढील दी गई।

नदी पार कर पहुंचे प्रदर्शनकारीइसके पूर्व मंगलवार रात व बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई में 12 लोग घायल हो गए। सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया गया। टीवी चैनलों के मुताबिक जम्मू में श्राइन बोर्ड संघर्ष समिति के प्रदर्शन को लेकर लोगों में इतना जोश था कि कफ्यरू के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी सेना से बचने के लिए तवी नदी में कूद गए।

सुरक्षा की समीक्षा

नौवीं राइजिंग स्टार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विनय शर्मा ने कफ्यरूग्रस्त जम्मू इलाके में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया है। गौरतलब है कि जम्मू में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सेना स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही है।

संघर्ष समिति अड़ी

इस बीच, श्री अमरनाथ संघर्ष समिति (एसएएसएस) भू-आवंटन रद्द करने वाले आदेश को वापस लेने पर अड़ी है। समिति के समन्वयक लीला करण शर्मा के मुताबिक समिति ने विवादित स्थल (जमीन) का दौरा करने के राज्यपाल एनएन वोहरा के आमंत्रण को भी ठुकरा दिया है।





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