इंदौर. नागपंचमी पर बुधवार को शहरभर के मंदिरों में नाग देवता का पूजन किया गया। नाग मंदिरों में बांबी पर चने की घुघरी, दूध आदि चढ़ाया गया। इसके साथ ही घरों में कहीं दाल-बाफले तो कहीं खीर-पूरी बनी।
शहरभर में सपेरों पर लगी पाबंदी की वजह से वे कम दिखे लेकिन फिर भी गली-मोहल्लों में कुछ घूमते हुए दिखाई दिए।
कुम्हारखाड़ी स्थित प्राचीन नाग मंदिर में अलसुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी। भगवान का विशेष श्रंगार किया गया। देव दर्शन के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी।
मंदिर परिसर पर मेला भी लगा। यहां गुड्डे-गुड़ियां के खेल के साथ ही बच्चों के लिए कई झूले भी लगे थे। शाम को बाबा अमरनाथ की आकर्षक झांकी भी सजाई गई। युवाओं की टोली ने सावन के गीतों पर भांगड़ा नृत्य और डांडिया किया। अखाड़ों के उस्ताद, खलीफा, बुजुर्गो का सम्मान भी किया गया।
दंगल देखने आए हजारों
कुम्हारखाड़ी में बरसों से नागपंचमी पर होते आ रहे दंगल को देखने हजारों लोग आए। ब्रजलाल उस्ताद व्यायामशाला के गुरुप्रसाद पहलवान अखाड़े के कोच थे। मुख्य अतिथि सांसद सुमित्रा महाजन, महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, विधायक उषा ठाकुर, सभापति शंकर लालवानी, रामलाल यादव, विष्णुप्रसाद शुक्ला, फूलचंद वर्मा आदि भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
फूल बंगला सजा
पीपलियाहाना स्थित नाग महाराज मंदिर में सुबह से ही पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी। यहां पर शाम को छप्पन भोग लगाया। आकर्षक फूल बंगला भी सजा। छत्रीबाग स्थित बांबी पर भी पूजा के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी। बांबी पर महिलाओं ने जल, दूध चढ़ाकर पूजन किया। कई परिवारों ने बांबी के दर्शन के साथ ही उन्हें कोरा कपड़ा और चांदी के आभूषण भी चढ़ाए।
गुटकेश्वरधाम में लगे झूले
गुटकेश्वरधाम परिसर स्थित प्राचीन नागेश्वर धाम मंदिर में जोड़े सहित विराजित नाग देवता का लोगों ने पूजन किया। यहां आयोजित तीन दिनी मेले में लगे चकरी, झूले आदि का लुत्फ भी दर्शन करने आए लोगों ने उठाया। स्कीम. 71 के नागेश्वर महाकाल मंदिर में नागपंचमी पर हवन-अभिषेक हुआ। छप्पन भोग का आयोजन भी किया गया। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
चल समारोह निकला
चौरसिया समाज ने कृष्णपुरा छत्री से तंबोली बाखल तक चल समारोह निकाला। अध्यक्ष जयप्रकाश चौरसिया और सचिव संजय चौरसिया ने बताया समाज के कुल देवता नाग महाराज की भव्य पीतल की प्रतिमा रथ में विराजित की गई। अंतिम चौराहे से बुधवार को समाजवादी इंदिरानगर स्थित प्राचीन नाग मंदिर की शोभायात्रा परंपरा अनुसार इस वर्ष भी उत्साह के साथ निकली।