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जोधपुर. मारवाड़ में पिछले पांच दिनों तक हुई भारी बारिश की वजह से मंगलवार रात बिलाड़ा क्षेत्र व नागौर में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। बुधवार को बिलाड़ा के जसवंतसागर बांध के ओवर फ्लो होने की वजह से पिचियाक कस्बा पानी से घिर गया है।
बुधवार को जसवंत सागर के टूटे हुए हिस्से की दो और दीवारें भी ढह गई। जोधपुर-जयपुर मार्ग अब भी जाम है। सैकड़ों वाहन फंसे खड़े हैं। प्रशासन ने देर रात तक इसके खुलने की उम्मीद जताई है।
कापरड़ा गांव में एक मकान की छत गिरने से दो सगी बहनों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए। नागौर में आधा दर्जन मकान ढह गए हैं। बुधवार को आपदा प्रबंधन, सिंचाई व जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया।
और प्रशासन को पानी निकासी के इंतजाम करने के निर्देश दिए। निकासी के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने पर जिला प्रशासन को फटकार भी लगाई।
बिलाड़ा संवाददाता के अनुसार बुधवार को मौसम सामान्य रहा लेकिन जसवंत सागर के ओवरफ्लो होने से बीती रात बांध की क्षतिग्रस्त दीवार का एक हिस्सा ढह गया। इससे बहकर आए पानी से बुधवार को भी पिचियाक कस्बा जलमग्न रहा। कापरड़ा गांव में बीती रात उमरखां सिंधी के मकान की छत गिर गई, जिसमें उसके सात बच्चे दब गए। दो बेटियों मजमा व मैना की मौत हो गई। चार अन्य घायल हो गए।
नागौर में कई इलाके जलमग्न : नागौर व आसपास बुधवार को हालांकि बारिश नहीं हुई लेकिन शहर सहित अनेक इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को दूध और भोजन के पैकेट बांटे। शहर में करीब आधा दर्जन मकान ढह चुके हैं। ताऊसर व रामसिया के तालाब फटने के बाद मुख्य मार्र्गो पर पानी का बहाव दिनभर जारी रहा।
पोकरण-रामदेवरा में हालात सुधरे : पोकरण और रामदेवरा में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। रामदेवरा मंदिर परिसर में आया पानी उतर गया है। पोकरण के सालमसागर व रामदेवसर तालाबों पर अब भी चादर चल रही है।
बढ़ने लगा बांधों का जलस्तर : पानी जिले में दो दिनों से हो रही बारिश से जवाई बांध सहित अन्य बांधों में पानी की अच्छी आवक हुई है। सरदार समंद, सिंदरू, राजसागर, चोपड़ा, मूथाना, सिरियारी व गजनेई आदि बांधों में एक से तीन फुट तक पानी आया है।