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समझौते के झांसे में ली जान

इंदौर. बुधवार रात एरोड्रम रोड पर हुए कॉलोनाइजर, व्यापारी व विधायक प्रतिनिधि यवल सोमानी हत्याकांड की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। हमलावरों के नाम सामने आने के साथ ही हत्या के कारण भी स्पष्ट होने लगा है।

‘भास्कर’ की पड़ताल में पता लगा हत्या से पहले यवल बदमाशों के संपर्क में था। उन्होंने समझौते का झांसा दिया और उसके निश्चिंत होते ही मार डाला।

सारा विवाद तिरुपतिनगर (एरोड्रम रोड) के कोने के 18 हजार वर्गफीट प्लॉट का है। जानकारों के मुताबिक उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए एक करोड़ का ऑफर यवल ठुकरा चुका था। उसके बाद उसकी नलिया बाखल स्थित साड़ी की दुकान ‘संकलन’ पर 24 जुलाई को हमला किया गया। घर जाकर भी चाकू दिखाया।

यवल के पिता डॉ. रामकिशन सोमानी के मुताबिक 1980 में तिरुपतिनगर विकसित होने के पहले से बाबूलाल सांखला ने उस प्लॉट के एक हिस्से पर मकान बनाकर कब्जा कर रखा है।

वह जमीन पहले मल्हारराव होल्कर की थी, जो तिरुपतिनगर गृह निर्माण संस्था ने विधिवत हासिल की थी। सांखला ने उसे अपनी बताते हुए केस लगाया लेकिन 2003 में फैसला संस्था के हक में हुआ। दो साल बाद उसने संयुक्त पंजीयक के यहां अपील की, जो खारिज कर दी गई। अंत में उसने को-ऑपरेटिव ट्रिब्युनल की शरण ली। कुछ दिन पहले वहां भी बहस हुई और फैसला संस्था के हक में आने ही वाला है। संस्था का पूर्व अध्यक्ष होने के नाते यवल को मामले की पूरी जानकारी थी और वही केस डील कर रहा था।

दुकान पर हमला, घर में घुसकर धमकी
परिजन ने बताया करोड़ों की जमीन हाथ से निकलती देख सांखला व राकेश तंवर ने यवल की दुकान पर हमला करवाया जिसमें नौकर जगदीश घायल हुआ। इसकी शिकायत यवल की पत्नी अंजू ने सराफा थाने पर की। विधायक उषा ठाकुर के हस्तक्षेप से बात एसपी तक पहुंची तब आरोपी गिरफ्तार हुए। फिर राकेश ने बताया जमीन का सौदा एक मीडिया ग्रुप से कर लिया है।

उसके एवज में तुम्हें (सोमानी को) एक और सांखला को ढाई करोड़ रुपए दे रहे हैं, रजिस्ट्री हमारे नाम कर दो। डॉ. सोमानी ने उस मीडिया ग्रुप से संपर्क किया तो बात झूठी निकली। करीब आठ दिन पहले राकेश एक युवक के साथ यवल के घर शिक्षकनगर आया और चाकू दिखाकर धमकाया। इसकी शिकायत एरोड्रम थाने पर की और यवल ने सिक्युरिटी भी मांगी लेकिन पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।

समझौते का जाल फेंका और..
सोमानी परिवार के मित्र श्री शारदा ने बताया बदमाशों के तेवर देख यवल ने निजी गार्ड रख लिए थे। बुधवार सुबह राकेश ने फोन पर समझौते की पेशकश की। डॉ. सोमानी ने भी मामला रफा-दफा करने को कहा तो यवल ने कुछ शर्तो पर समझौता किया और निजी गार्ड भी हटा दिए। बुधवार रात 9 बजे वह एक्टिवा से घर के लिए निकला।

कर्मचारी कैलाश यादव पीछे-पीछे साइकिल से आ रहा था। एरोड्रम मेनरोड पर घर की गली के पहले बदमाशों ने उसके सिर पर रॉड मारकर गिराया और चाकू मारे। यह देख कैलाश डरा और दौड़कर घर पहुंचा। वहां से यवल के पिता व मां रुकमणी को लेकर मौके पर पहुंचा। वे उसे हॉस्पिटल ले गए, जहां मौत हो गई।

‘मेरा बेटा तो गया, शहर को बचा लो’
रात को यवल का शव क्योरवेल हॉस्पिटल में रखा और सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम हुआ। उसका 16 वर्षीय पुत्र अलय पिछले महीने ही पढ़ाई के लिए बुआ माधविका के पास जकार्ता (इंडोनेशिया) गया है। वह शुक्रवार सुबह तक इंदौर पहुंचेगा, तब अंतिम संस्कार होगा।

यवल की पत्नी व माता-पिता को नींद के डोज देकर बमुश्किल आराम कराया। गुरुवार को दिनभर यवल के घर प्रमुख लोगों का तांता लगा रहा। सभी ने सोमानी परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर डॉ. सोमानी ने कहा मेरा बेटा तो चला गया। हो सके तो इंदौर में फैल रहे गुंडाराज को रोक लो ताकि दूसरों के बेटे ऐसी मौत न मरें।

हमला धमकाने के लिए?
अब तक की पुलिस जांच में पता लगा यवल के हाथ-पैर में चाकू के 5-6 घाव मिले। इससे लगता है हमलावर उसे डराना चाहते थे लेकिन कोई नस कट जाने से काफी खून बहा और जान चली गई।

मुख्य आरोपी फरार अन्य हिरासत में
एडीशनल एसपी मनोजकुमार सिंह ने बताया दुकान पर हमले में राहुल, मनोज डाबी, विशाल व बाबूलाल सांखला आरोपी थे। तब उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था, जो बाद में जमानत पर छूटे। हत्या के बाद उन सभी को हिरासत में ले लिया है। मुख्य आरोपियों राकेश तंवर व सांखला की गिरफ्तारी के बाद मामला स्पष्ट होगा। उनकी तलाश में उज्जैन, ओंकारेश्वर में छापे मारे जा रहे हैं। सांखला के घर के अंदर-बाहर की लाइटें जली होने से स्पष्ट है वह रात में ही परिवार सहित भाग गया।

‘गुंडों का एनकाउंटर कर दो’
गुरुवार शाम माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष गिरधारीलाल सारडा, युवा संगठन के नितिन माहेश्वरी, वैश्य समाज की अर्चना जायसवाल, प्रॉपर्टी ब्रोकर एसोसिएशन, इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन, मध्यभारत वैश्य महासभा के पदाधिकारियों के साथ करीब 200 लोग एसपी आरके चौधरी से मिले। उनसे कहा शहर में आए दिन हत्याएं और चौथ वसूली हो रही है। ज्यादातर मामलों में जेल में बैठे गुंडों के नाम आते हैं। पुलिस को गुंडों से मुक्ति दिलाने के लिए एनकाउंटर करने चाहिए। हत्या में शरीक रसूखदारों की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए।





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