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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. आधुनिक समाज में भले ही महिला-पुरुष कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन आधुनिकता का यह रंग कुछ अनैतिक बदलाव भी लेकर आया है, जिसमें खासतौर पर विवाहेत्तर संबंध उभरकर आए हैं।
भले ही महिलाएं सदियों से पुरुष की प्रताड़ना झेलती आई हैं, लेकिन ऐसे सम्बंधों की मानसिक प्रताड़ना सहना महिलाओं के लिए मुश्किल है। महिलाएं पुरुषों की सभी चीजें बरदाश्त कर लेती हैं, लेकिन किसी दूसरी महिला के संबंध को सहन नहीं कर पातीं। महिलाएं एक ही पुरुष के साथ सात जन्म रहने की कसमें खातीं हैं, लेकिन पुरुष अवैध रिश्तों के चक्कर में उन सभी कसमों-वादों को पलभर में भुला देते हैं।
कारण जानना जरूरी
गृहिणी प्रतिमा देशपाण्डे का कहना है कि अगर पुरुष दूसरी महिला के प्रेम जाल में फंस रहा है तो जरूर उसके पीछे कुछ न कुछ गंभीर कारण होगा। पत्नी को पति से उस रिश्ते के बारे में पूछताछ करनी चाहिए और कारण जानने का प्रयास करना चाहिए कि घर में सभी सुविधा होने केबावजूद वह अन्य स्त्रियों के पीछे क्यों भाग रहा है। अगर फिर भी पति अवैध रिश्ते को छोड़ने को राजी न हो तो पत्नी को कानून की मदद लेनी चाहिए।
समझाने की कोशिश करें
प्राइवेट फर्म में कार्य कर रहीं पल्लवी आहूजा का कहना है कि पत्नी को पति से बात करनी चाहिए और उन्हें समझाने का प्रयास करना चाहिए कि उनकी ऐसी हरकतों से बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। समाज के लोगों द्वारा उनके परिवार वालों को काफी उल्लाहना सुनना पड़ेगी। साथ ही पीड़ित महिला को पति की हर गतिविधि पर ध्यान रखना चाहिए। परिवार के किसी उम्रदराज व्यक्ति की सलाह से उन्हें इस अवैध रिश्ते से छुटकारा दिलाने में पत्नी को भरसक प्रयास करने चाहिए।
ठोस कदम उठाएं
प्रोफेसर दीप्ति शुक्ला का कहना है कि पति की ऐसी ओछी हरकतों को पत्नी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कानून की मदद लेकर पति के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। जिससे उन्हें उनकी गलती का एहसास हो सके। पति के सुधरने की गुंजाइश न दिखे तो तलाक देने और भरणपोषण भत्ता मांगने में कोताही न बरतें। महिलाओं के लिए प्रशासन ने कई अधिकार बनाए हैं जिनका पीड़ित महिला को फायदा उठाना चाहिए।
इनकी मदद लें
महिला को पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता है तो पुलिस में रिपोर्ट जरूर लिखवाएं।
>> कानून ही मदद लें-
>> परिवार परामर्श केंद्र की सहायता लें।
>> कोर्ट में मामला दर्ज कराएं।
>> छोटे स्तर पर मामला न सुलझे तो तलाक की अर्जी दायर करें।
>> महिला अपना भरण पोषण भत्ता मांगने का भी प्रयास करें।
दें क्वालिटी टाइम
कई बार पति-पत्नी के रिश्तों के बीच ऐसी दीवार आ जाती है जो रिश्तों को खोखला कर देती है। ऐसी स्थिति में महिला काफी असुरक्षित महसूस करती है। साथ ही धोखा दिए जाने वाली मनोस्थिति हो जाती है।
कई महिलाएं डिप्रेशन के कारण पति को दोबारा आसानी से अपना नहीं पातीं। ऐसे संबंधों को बीच में आने से रोकने के लिए महिला एवं पुरुष दोनों को क्वालिटी टाइम देना होगा। साथ ही अपनी आवश्यकता एवं भावनाओं को एक-दूसरे से शेयर करने से संबंधों में रोमांच बना रहता है।
-डा. मुकेश चंगुलानी, मनोचिकित्सक
एक दूसरे को समझें
दाम्पत्य जीवन में कई सारी समस्याएं होती हैं लेकिन अगर पति-पत्नी एक दूसरे की फीलिंग्स को समझें एवं समस्याओं को अपने स्तर पर सुलझाने का प्रयास करें तो यकीनन पति को बाहरी रिश्ते बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यदि परिवार में ऐसे मामले सामने आते हैं तो परिवार परामर्श केंद्र एवं कानून की मदद लें।
- नीलम निगम, कानूनविद्