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Special
Beijing Olympics, 2008 Beijing Olympics, 2008 बीजिंग.
भारतीयों के सामने फिर वही पुराना सवाल मुंह बाए खड़ा है कि क्या भारतीय खिलाड़ी ओलिंपिक की अग्निपरीक्षा में खरे उतरेंगे? एक अरब से ज्यादा आबादी वाले देश के 56 खिलाड़ी बीजिंग ओलिंपिक में शिरकत करेंगे। लेकिन इनमें से एक भी खिलाड़ी के बारे में दावे के साथ नहीं कहा जा सकता कि वह पदक जीतने में कामयाब रहेगा।
12 स्पर्धाओं में चुनौती देगा भारत :-
भारत इस ओलिंपिक की १२ स्पर्धाओं तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैड¨मटन, मुक्केबाजी, नौकायन, निशानेबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस, टेनिस, जूडो, कुश्ती और चप्पू चालन में हिस्सा ले रहा है।
पेस-महेश से आस :-
भारत को अपने टेनिस खिलाड़ियों पेस और महेश भूपति से काफी उम्मीदें हैं। ये दोनों युगल मुकाबले में भारत की चुनौती पेश करेंगे। सानिया मिर्जा और सुनीता राव भी बीजिंग में शिरकत करेंगी, लेकिन इनके पदक जीतने की उम्मीद कम ही है।
निशाने पर नजर :- दो विश्व चैंपियन अभिनव ¨बद्रा और मानवजीत ¨सह संधू तथा एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक विजेता राज्यवर्धन ¨सह राठौर समेत भारत के मनशेर ¨सह, गगन नारंग, अंजलि भागवत, समरेश जंग, अवनीत कौर संधू और संजीव राजपूत बीजिंग में निशाना साधने को बेताब हैं। ये सभी निशानेबाज पदक जीतने का माद्दा रखते हैं।
उम्मीद का पंच :-
भारत को अपने मुक्केबाजों अखिल कुमार और विजेन्द्र से बड़ी उम्मीद हैं। इन दोनों ने हाल के महीनों में विश्व के प्रमुख मुक्केबाजों को शिकस्त दी है। जितेन्द्र कुमार और दिनेश कुमार के कंधों पर भी करोड़ों लोगों की उम्मीदों का भार है।
डोला के तीर :-
भारतीय तीरंदाज डोला बनर्जी ने पिछले साल विश्वकप में स्वर्ण पदक जीता था। यदि वे अपना वही फार्म यहां दिखा सकीं, तो भारत की झोली में पदक आ सकता है।
पहलवान भी तैयार :-
भारत को पहला व्यक्तिगत पदक कुश्ती में केडी जाधव ने 1९५२ में दिलाया था। बीजिंग में योगेश्वर दत्त, सुशील कुमार और राजीव तोमर भारत को कुश्ती में दूसरा पदक दिलाने के लिए ¨रग में ताल ठोकेंगे।
4x400 रिले टीम की रफ्तार :-
एथलेटिक्स में भारत को 4 गुणा ४क्क् मीटर दौड़ स्पर्धा में अपनी महिला टीम से भी उम्मीद रहेगी। पिछली बार यह टीम ओलिंपिक के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही थी।
बैडमिंटन, टेबल टेनिस, तैराकी, जूडो, नौकायन में भारतीय खिलाड़ी बीजिंग में चुनौती पेश करेंगे। लेकिन इनका पदक जीतना चमत्कार से कम नहीं होगा।