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भोपाल. आश्वासन के बावजूद मांगे पूरी न होने से खफा बस आपरेटरों ने प्रदेश सरकार को आखिरी अल्टीमेटम दिया है। बस संगठनों आगामी सात दिनों में लंबित मांगों का निराकरण न होने पर बगैर सूचना के परिवहन सेवाएं ठप करने की घोषणा की है।
बस आपरेटरों के एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को परिवहन मंत्री के नाम विभाग के अधिकारी को एक अल्टीमेटम सौंपा जिसमें मांगों पर जल्द फैसला लेने को कहा गया है।
हड़ताल और आश्वासन
मप्र बस आनर्स एसोसिएशन के अनुसार बस आपरेटरों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर गत 10 जून को प्रदेश व्यापी सांकेतिक हड़ताल की गई थी। समाधान न होने पर 29 जून को बस संचालकों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता पकड़ना पड़ा।
एक जुलाई को परिवहन मंत्री हिम्मत कोठारी ने मांगे पूरी होने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कराई थी। इन मांगों को 31 जुलाई तक निर्णय लेकर पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद भी सरकार ने मांगों के संबंध में कोई निर्णय लिया और न कोई आदेश जारी किया है। ऐसे में बस व्यवसाय निरंतर घाटे में चल रहा है।
सरकार जल्द ले निर्णय
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यात्रियों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए उक्त मांगों को लेकर सरकार को सात दिनों का समय दिया गया है। बस आपरेटरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार शीघ्र निर्णय लेकर आदेश जारी करें। अन्यथा प्रदेशभर के बस आपरेटर बिना किसी सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में हेमेंद्र करनावट, श्यामसुंदर शर्मा, जयकुमार जैन, प्रदीप जैन, मो. अख्तर, भूपेंद्र कुमार, गोपाल पैगवार, पप्पू खान, कुलदीप सिंह समेत सभी बस संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
कब तक जेब से पैसा लगाएं
सरकार को आखिरी अल्टीमेटम दे दिया गया है, क्योंकि हमारा सब्र का बांध टूट चुका। कब तक जेब से पैसा लगाकर बसों का संचालन करेंगे। अब यदि सरकार ने सात दिनों में मांगे पूरी नहीं कीं, तो कभी भी बगैर सूचना के संचालन बंद करना हमारी मजबूरी होगी।
-हेमेंद्र करनावट, प्रदेशाध्यक्ष, मप्र बस आनर्स एसोसिएशन