|
इंदौर. इंदौर के एग्रीकल्चर कॉलेज में मालवा का पहला फल अनुसंधान केंद्र बनाया जा रहा है। इसके लिए भारतीय फल अनुसंधान केंद्र, रहमानखेड़ा (लखनऊ) के साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक व अन्य राज्यों से करीब ३ लाख रुपए के विभिन्न किस्मों के पौधे मंगवाए हैं, जो 15 अगस्त से कॉलेज की १क् एकड़ जमीन पर रोपे जाएंगे।
पौधे आने के बाद कृषि वैज्ञानिकों की चिंता मौसम को लेकर है। वे मानते हैं मौसम ने साथ दिया और पौधे पनप गए तो यह कॉलेज के साथ मालवांचल के लिए भी उपलब्धि होगी। तब यहां देशभर में पैदा होने वाले विभिन्न प्रजातियों के फल एकसाथ उपलब्ध होंगे। दूसरी चिंता इसके लिए चयनित जमीन की सुरक्षा को लेकर है। इसके लिए जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा जा चुका है।
छात्रों के साथ किसानों को भी फायदा
देशभर के कृषि अनुसंधान केंद्रों से फलों के पौधे मंगाए हैं। ये यहां की जमीन पर विकसित होते हैं तो छात्रों के साथ किसानों को भी फायदा मिलेगा।
-डॉ. आर.एन. सिंह बनाफर, विभागाध्यक्ष उद्यानिकी
अनुसंधान से होगा फायदा
इस पहल से परंपरागत खेती के साथ नई तरह खेती और अनुसंधान भी हो सकेगा। फलों का उत्पादन आसान होगा जिससे वे फल भी मिल जाएंगे जो अभी पहुंच से दूर हैं।
- डॉ. आर.ए. शर्मा, डीन, एग्रीकल्चर कॉलेज