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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जिले के पुलिस बल के 20 पुलिस कर्मी ड्यूटी से लापता हो गए हैं। अब तक विभाग को उनकी कोई खबर नहीं पहुंची है। उनके खिलाफ पुलिस अधिनियम-190 के तहत भगोड़ा मानकर विभाग से नाम काटने के आदेश दिए गए हैं। इनमें से कुछ रात में गश्त करने निकले थे, तो कुछ किसी मामले की जांच के लिए। एक सिपाही ने तो आमद दर्ज कराने के बाद दोबारा दफ्तर का रुख ही नहीं किया।
सिक (चिकित्सकीय अवकाश) पर गया मस्तूरी का आरक्षक गायब, निरीक्षण ड्यूटी के बाद पुलिस लाइन का आरक्षक ड्यूटी पर ही नहीं लौटा, महिला थाने का आरक्षक ड्यूटी से गायब। ऐसे करीब 18 आरक्षक व 2 प्रधान आरक्षक हैं, जिनकी महकमे के पास कोई खबर नहीं है। गुम इंसानों की खोज करने वाले पुलिस विभाग के ये कर्मचारी कहीं गुमे नहीं हैं, बल्कि ड्यूटी पर नहीं आने वाले हैं।
विभाग ने उन्हें भगोड़ा मान लिया है और विभाग से नाम काटने के आदेश दे दिए गए हैं। ड्यूटी में किसी तरह की दिक्कत आने या काम में मन नहीं लगने पर कई पुलिस कर्मी गायब हो जाते हैं। इनमें ऐसे लोग ज्यादा होते हैं, जो शराबखोरी करते पकड़े जाने या किसी अनुशासनहीनता की सजा के डर से ही काम पर नहीं लौटते। इसका एक अन्य कारण पुलिस विभाग में नौकरी ज्वाइन करने के बाद अवकाश नहीं मिल पाना भी है।
एक बार ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद पुलिसकर्मियों को साल में एकाध बार ही लंबी छुट्टी मिल पाती है, जबकि साप्ताहिक या मासिक अवकाश का भी प्रावधान नहीं है। यह भी ड्यूटी के प्रति विरक्ति का एक कारण है। कई बार गायब होने का कारण ड्यूटी न करने का बहाना भी होता है, लेकिन कई ऐसे प्रकरण भी आते हैं, जिनमें पुलिसकर्मी मानसिक रूप से असंतुष्ट होकर काम छोड़ देते हैं, फिर वापस लौट जाते हैं। ड्यूटी छोड़कर भागने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिनकी पोस्टिंग पुलिस लाइन में है।
महकमे के एक सीनियर अफसर का कहना है कि कई बार कुछ कर्मचारी ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। उन्हें नोटिस भेजा जाता है। ड्यूटी पर वापस नहीं आने वालों पर पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। लंबे समय बाद लौटने वालों की विभागीय जांच होती है।
9 लौट आए ड्यूटी पर
ड्यूटी से कई साल गायब होने के बाद कुछ पुलिसकर्मी लौट भी जाते हैं। इनके खिलाफ विभागीय जांच होती है और नोटिस देकर जवाब मांगा जाता है। जवाब से संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया जाता है।
प्रधान आरक्षक दुर्गा प्रसाद, आरक्षक सुशील कुमार, बबीता मरावी, कोमल प्रसाद, सुनील कुजूर, जयप्रकाश, सावन सिंह, स्तानिसलास व दिलीप कुमार ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिनके खिलाफ पुलिस अधिनियम-190 के तहत कार्रवाई होने के बाद ड्यूटी पर लौट गए हैं। ड्यूटी पर लौटने के बाद भगोड़े पुलिसकर्मियों की पुलिस लाइन में ही तैनाती की जाती है।