उदयपुर. कलेक्टर निवास से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित फ्लाईओवर का शहर के व्यापारियों ने विरोध किया है। इनका कहना है कि इससे शहर का व्यापार और सुंदरता प्रभावित होगी। उल्लेखनीय है कि कोर्ट चौराहे से रेलवे स्टेशन तक के मार्ग पर ही शहर के अधिकांश प्रमुख बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं।
चैंबर ऑफ कॉमर्स, उदयपुर डिविजन की कार्यकारिणी की शुक्रवार को हुई बैठक में योजना को अंतिम रूप देने से पहले व्यापारियों के साथ चर्चा करने की आवश्यकता बताई है। बैठक की अध्यक्षता पारस सिंघवी ने की।
बैठक में चैंबर के सदस्यों व व्यापारिक संगठनों ने यूआईटी द्वारा प्रस्तावित फ्लाईओवर के प्रति विरोध प्रकट करते हुए कहा कि इस फ्लाईओवर से शहर के यातायात को नियंत्रित करने में कोई लाभ नहीं होगा। बल्कि उदियापोल, सिटी स्टेशन रोड, सूरजपोल, बापूबाजार एवं देहलीगेट आदि क्षेत्रों का व्यापार चौपट हो जाएगा। इससे शहर की सुंदरता भी प्रभावित होगी। सिंघवी ने कहा कि फ्लाईओवर को लेकर व्यवसाय जगत में गहरा रोष है। यूआईटी को शहर के व्यापारिक संगठनों के साथ में चर्चा कर उनके सुझावों पर भी ध्यान देना चाहिए।
यातायात दबाव कम करने के हैं दूसरे रास्ते
अधिकांश व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अभी शहर में फ्लाईओवर की जरूरत नहीं है। यूआईटी को यातायात दबाव कम करने के लिए उदियापोल से हिरणमगरी जाने वाली सड़क को शीघ्र प्रारंभ करने और उदियापोल से कृषि महाविद्यालय एवं टाउनहाल के पीछे होते हुए सड़क निकालनी चाहिए। यदि फ्लाईओवर बनाना ही है तो इसे उदियापोल से कृषि महाविद्यालय एवं टाउन हाल के पीछे से निकालना चाहिए।
महामंत्री किरणचंद्र लसोड़ ने बताया कि बैठक में चैंबर के जोन प्रभारियों में से सुखचैनसिंह कंडा, अरविंद लोढ़ा, अंबालाल बोहरा, दिनेश चावत, तुलसीराम अग्रवाल, हिम्मत बड़ाला, अजय पोरवाल, महेशचंद्र पारीख, शिवकुमार बापना, सुभाषचंद्र गुप्ता, कुंदनमल सामोता एवं शंभू जैन आदि ने अपने-अपने जोन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में मुख्य सलाहकार फतहलाल जैन, संरक्षक गणोश डागलिया, हनुमंत कुमार तलेसरा, ताराचंद जेठवानी, सुभाषचंद्र मेहता, चंचल कुमार अग्रवाल, जसवंत मेहता आदि मौजूद थे।