bhaskar Web English
HomeNewsRajasthanUdaipur Udaipur

आईआईटी के लिए आएंगे विशेषज्ञ

उदयपुर. केंद्र सरकार ने मेवाड़ में आईआईटी पर विचार शुरू कर दिया है। मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से स्थान का चयन करने वाली विशेषज्ञों टीम शीघ्र ही मेवाड़ का दौरा करेगी, जिसके सामने संघर्ष समिति की ओर से प्रजेंटेशन किया जाएगा।

‘भास्कर’ कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित टॉक शो में मेवाड़ आईआईटी संघर्ष समिति के संयोजक प्रो. आई. वी. त्रिवेदी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत दिनों दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष मेवाड़ में आईआईटी स्थापना के दस्तावेज पेश किए थे और कमेटी को उदयपुर बुलाने की दावत दी थी। इसके बाद दूरभाष पर हुई बातचीत में मंत्रालय के आला अफसर अपूर्व बोस ने बताया कि मेवाड़ के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया गया है और जल्दी ही स्थान चयन करने वाली विशेषज्ञों की टीम को उदयपुर भेजा जाएगा।

प्रो. त्रिवेदी ने बताया कि मेवाड़ में आईआईटी स्थापना को लेकर आंदोलन जारी है, जिसको अब तहसील और पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। टॉक शो में पैसिफिक इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. कौशल के. सक्सेना ने बताया कि कानपुर जैसी जगह हर साल एक आईआईटी छात्र तनाव में आकर आत्महत्या कर रहा है, जबकि उदयपुर जैसा शहर आईआईटी के लिए सबसे उपयुक्त है।

टॉक शो में आईआईटी आंदोलन को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके लिए जिला, उपखंड और तहसील स्तर पर प्रदर्शन व धरने का निर्णय किया गया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस पर मेवाड़ में आईआईटी स्थापना के लिए संकल्प लेने का भी निर्णय किया गया।

टॉक शो में शामिल लोगों ने सांसद के बयान की भी निंदा करते हुए कहा कि मेवाड़ के जनप्रतिनिधियों को आईआईटी के मुद्दे पर एकजुटता दिखानी चाहिए। टॉक शो में आईआईटी मूवमेंट के अनिल मेहता, वीरेंद्र वैष्णव, डा. पी. आर. व्यास, डूंगरपुर के बाबूलाल कटारा, राजसमंद के योगेश उपाध्याय, भैरवलाल मीणा, दिनेश बाबेल, प्रदीप पालीवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सभी एकजुट होकर आईआईटी आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।

आखिरी दम तक किए जाएंगे प्रयास : कटारिया
उदयपुर. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि आईआईटी उदयपुर का भविष्य है और इसकी स्थापना के लिए आखिरी दम तक प्रयास किए जाएंगे। उदयपुर में आईआईटी की मांग तर्क के आधार पर की गई है।

कटारिया ने शुक्रवार को ‘भास्कर’ के साथ खास मुलाकात में बताया कि आईआईटी स्थापना के लिए जो मापदंड चाहिए, उसे यह क्षेत्र पूरा करता है इसलिए आईआईटी पर उदयपुर का हक है। अपने हक के लिए प्रयास कर रहे हैं। अन्य शहर के लोग मांग कर रहे हैं, इसका विरोध नहीं है, हम पात्रता के आधार पर उदयपुर में आईआईटी की मांग कर रहे हैं।

राजस्थान में आईआईटी स्थापना के लिए उदयपुर ही सबसे उपयुक्त स्थान है क्योंकि यहां रेल, एयर और रोड तीनों की बेहतर कनेक्टिविटी है। उदयपुर में नगर निगम बनाने के बारे में उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक आबादी पांच लाख नहीं होने से यह मामला अटक गया था। अब सात सालों में इसके लिए भी उदयपुर पात्र हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए सर्वे रिपोर्ट मांगी है जो भेज दी गई है। उदयपुर में नगर निगम की संभवत: जल्दी ही घोषणा हो जाएगी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: