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Shekhawati Shekhawati चूरू. जिलेभर में पिछले कुछ दिनों से हो रही जोरदार बारिश से मची तबाही की रोकथाम में अतिवृष्टि से होने वाली परेशानियों से निबटने के लिए कलेक्ट्रेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष किसी काम नहीं आ सका।
जानकारी के अनुसार बारिश के मौसम से पहले ही कलेक्ट्रेट कक्ष में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। इतना सब कुछ होते हुए भी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के पानी ने जमकर तबाही मचाई। मजे की बात ये है कि कलेक्ट्रेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष केवल फोन नंबरों के सहारे चल रहा है। यहां पर जेनरेटर व मिट्टी के कट्टों सहित किसी प्रकार की सुविधा नहीं है।
मजे की बात ये है कि यहां बैठने वाले कर्मचारी इस संबंध में कुछ बताने में असक्षम रहे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में सुविधा व व्यवस्था संबंधी जानकारी मांगने पर उपस्थित कर्मचारी ने कहा कि इसके बारे में तो तहसीलदार ही बता सकते हैं, हम तो फोन अटेंड करते हैं। अत्यधिक बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों ने राहत के लिए प्रशासन से मदद की गुहार भी की, लेकिन साधन व सुविधाओं के अभाव में पर्याप्त राहत नहीं मिल सकी।
पानी निकासी के लिए जेनरेटर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत समिति तथा शहरी क्षेत्र में नगरपालिका की है। बारिश के बाद कई गांवों में घरों में पानी भर गया, लेकिन अधिकतर गांवों में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं हो पाई। अब प्रशासन ने पीड़ितों की सुध ले ली है। शुक्रवार को तहसील के 16 गांवों में राहत की कवायद शुरू की गई।
बारिश से बचाव के लिए गांवों में तिरपाल वितरित किए गए हैं। पटवारियों से नुकसान की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद यथासंभव सहायता राशि स्वीकृत करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
- रुलीराम, तहसीलदार, चूरू
गांव के 1700 में से 500 घरों को नुकसान पहुंचा है। पानी निकासी के लिए लगाए गए पंप की हालत दयनीय है। ग्रामीणों को तुरंत आर्थिक सहायता व राशन सामग्री उपलब्ध करवानी चाहिए थी।
-डा.चंद्रशेखर बैद,विधायक