जयपुर. गुर्जर आरक्षण मुद्दे पर एक बार फिर केन्द्र ने गेंद राज्य सरकार के पाले में डाल दी है। केन्द्र ने कहा है कि गुर्जर आरक्षण पर राज्य अपनी स्पष्ट राय भेजे। मुख्य सचिव डीसी सामंत ने चिट्ठी लौटाए जाने की पुष्टि की है। राज्य सरकार ने 28 जुलाई को केन्द्र सरकार को गुर्जर आरक्षण के संबंध में एक पत्र केन्द्र को भेजा था।
पत्र में राज्य सरकार ने गुर्जरों की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ेपन की विस्तृत जानकारी भेजी थी। इसके लिए जस्टिस जसराज चौपड़ा कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया था। सरकार ने पत्र में कहा है कि 3 दिसंबर, 1999 के पत्र में गुर्जरों की जिस सिफारिश का जिक्र किया गया है, सरकार चाहती है कि केन्द्र उस पर कार्रवाई करें।
दूसरी तरफ केन्द्र ने अब इस चिट्टी को ही पूरी तरह खारिज कर दिया है। केन्द्र ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य सरकार 3 दिसंबर, 1999 की चिट्ठी पर अपनी स्पष्ट सिफारिश भेजे कि गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करना है या नहीं। ऐसा किसी क्षेत्र विशेष में किया जाना है या पूरे राज्य में। केन्द्र पहले भी राज्य को अपनी स्पष्ट सिफारिश भेजने के लिए कह चुका है।