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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. बलराम तालाब योजना के तहत अंचल में एक भी तालाब नहीं खुदा है। राज्य शासन ने वर्ष 2007 में खेत तालाब योजना की तर्ज पर किसानों के लिए बलराम तालाब योजना शुरू की थी।
इस योजना के लिए शासन ने तय किया था कि अगर कोई हितग्राही अपने खेत में दो लाख रुपए की लागत से तालाब बनवाना चाहता है तो उसे शासन स्तर से 80 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
योजना के मुताबिक पहली किश्त में 50 हजार रुपए तथा दूसरी किश्त में 30 हजार रुपए का भुगतान करने की बात कही गई है। इसके बावजूद किसानों को यह योजना पसंद नहीं आने के कारण पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों में यह योजना अभी सरकारी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है।अकेला शिवपुरी जिला इस मामले में अपवाद है। यहां गत वर्ष कुछ कार्य हुआ है।
भिण्ड: कृषि विभाग के पास इस योजना में तालाब खुदवाने हेतु 41 प्रकरण प्रशासकीय स्वीकृति हेतु लंबित हैं। किसी भी प्रकरण में प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिल पाई। इसी तरह वर्ष 2008 में अभी तक 14 प्रकरण विभाग के पास पहुंचे हैं लेकिन उक्त प्रकरणों को भी स्वीकृति नहीं मिली है।
श्योपुर: जिले में अभी एक भी तालाब बनाए जाने की जानकारी कृषि विभाग के उप संचालक कार्यालय को नहीं है। वर्ष 2008-09 में 55 बलराम तालाब बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल इस योजना में कहीं से प्रस्ताव नहीं आने के कारण कार्यालय से एक भी तालाब को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।
दतिया: वर्ष 2007 में एक भी तालाब नहीं बनने के बाद वर्ष 08-09 के लिए शासन ने 110 तालाबों के निर्माण का लक्ष्य दतिया जिले के लिए दिया था। कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में मात्र 2 तालाबों के निर्माण का काम चल रहा है। एक भी तालाब पूरी तरह से तैयार नहीं हो सका।
मुरैना: जिले को 25 तालाबों का लक्ष्य दिया गया है। तालाब निर्माण के लिए मुरैना को 16 लाख रुपए का आवंटन भी प्राप्त हो गया है। बताया गया है कि तालाब का निर्माण कराने के लिए कृषक मशीन, स्वयं के श्रम अथवा श्रमिकों द्वारा कार्य कराने के लिए स्वतंत्र होंगे।
शिवपुरी: इस साल 51 बलराम तालाब बनाने का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक एक भी तालाब का काम शुरू नहीं हुआ है। योजना के लिए 32 लाख की राशि एक माह पूर्व ही जिले में आई है। योजना के तहत गत वर्ष अवश्य कुछ काम हुआ। बीते साल 17 बलराम तालाब बनाने का लक्ष्य था, जिसमें से 11 तालाब पूर्ण हो चुके हैं और इन कार्यो पर लगभग 5 लाख 22 हजार रुपए खर्च हुए हैं।
कैसे मिलेगा तालाब के लिए अनुदान
योजना के अंतर्गत पचास फीसदी कार्य पाए जाने पर प्रथम किश्त जारी करने की अनुशंसा की जाएगी। प्रथम किश्त के भुगतान के पश्चात तीन माह में कार्य पूरा कराना जरूरी होगा। शतप्रतिशत कार्य पूरा होने पर द्वितीय अंतिम किश्त जारी की जाएगी। ऋण की प्रथम किश्त के भुगतान के साथ ही कृषक को देय अनुदान की पचास प्रतिशत राशि बैंक को उपलब्ध कराई जाएगी। शेष पचास प्रतिशत अनुदान राशि दूसरी किश्त के भुगतान के बाद बैंक में जमा कराई जाएगी।
यूं लौटाई जाएगी ऋण की राशि
ऋण की अदायगी ऋण प्राप्ति के दो वर्ष बाद शुरू होगी। नियमानुसार सात वर्ष के भीतर ऋण राशि की पूर्ण अदायगी करनी होगी। ऋण राशि में से अनुदान की राशि को घटाने के बाद शेष राशि पर ब्याज की गणना की जाएगी और उसी के अनुसार किश्तों का निर्धारण किया जाएगा।
जनपद से स्वीकृत होंगे अब बलराम योजना के प्रकरण
राज्य शासन ने पूर्व में बलराम तालाब योजना के प्रकरणों की स्वीकृति के लिए कृषि विभाग को तय किया था लेकिन अब जनपद निकायों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
नए आदेश के तहत तकनीकी स्वीकृति अभी भी कृषि विभाग द्वारा जारी की जाएगी,वित्तीय स्वीकृति जिला पंचायत के स्तर पर जारी की जाएगी। बाद में इस प्रकरण को अंतिम स्वीकृति के लिए जनपद की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा। बताया जाता है कि नए आदेश के बाद कृषि विभाग द्वारा सारे प्रकरण जिला पंचायत की ओर से भेजे जा रहे हैं।