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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. जम्मू में तीन सप्ताह से चल रही हिंसक घटनाओं के कारण अब तक पंजाब के ट्रांसपोर्टर्स को 100 करोड़ रुपए से अधिक की चपत लग चुकी है।
पंजाब ट्रांसपोर्टर्स ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष हैप्पी संधू के अनुसार दो दिन से जम्मू में सैना तैनात होने के बाद हाईवे पर हालात थोड़े सुधरे हैं लेकिन अभी भी पंजाब के करीब 250 ट्रक किसी न किसी कारण जम्मू रीजन में फंसे हुए हैं।
75 फीसदी ट्रक पंजाब के: पंजाब ट्रांसपोर्टर्स ऑपरेटर यूनियन ने जम्मू में पैदा हुए हालात की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक बैठक की थी। संधू ने बताया कि गेहूं, चावल, सब्जियां और दाल जैसी खाद्य सामग्री की सप्लाई लेकर जम्मू-कश्मीर जाने वाले कुल ट्रकों में से 75 फीसदी ट्रक पंजाब के होते हैं। सेब सीजन में भी सबसे ज्यादा ट्रक पंजाब से कश्मीर जाते हैं।
कौन भरेगा नुकसान: संधू ने बताया कि राज्य की विभिन्न यूनियनों से मिले आंकड़ों के मुताबिक जम्मू में हिंसा के चलते छोटे-बड़े ट्रांसपोर्टर्स को करीब 100 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पहले से घाटा झेल रहे पंजाब के ट्रांसपोर्टर्स इस नुकसान को सहने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
हर रोज दर्जनों ट्रक जम्मू-कश्मीर भेजने वाले करतार ट्रांसपोर्ट के मालिक अवतार सिंह का कहना था कि करीब 20 दिन से उनके ट्रक जम्मू में फंसे हैं। न वहां से माल आ रहा है और न ही यहां से कुछ भेज पा रहे हैं।
जम्मू में फंसे ट्रकों की मदद के लिए एक शिष्टमंडल भेजा गया है जों स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है। ट्रांसपोर्टर्स को हुए नुकसान पर सरकार गौर करेगी।
-डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सलाहकार, मुख्यमंत्री पंजाब