घरौंडा (करनाल). यहां एक एकड़ का एक खेत 40 फीट धंस गया। इसमें धान की आरएच-10 किस्म लगी हुई थी। किसान संदीप मलिक का कहना है कि फसल तो बर्बाद हुई ही, जमीन का भी पता नहीं। आसपास के खेतों में भी दरारें पड़ गई है। ऐसा क्यों हुआ इसकी जांच के लिए एक टीम सोमवार को घटनास्थल का मुआयना करेगी।
दूसरे किसानों और ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका के मद्देनजर महिला तथा बच्चों को खेत की ओर जाने से मना कर दिया है। बरसत के संदीप मलिक को कैमला रोड स्थित खेत धंसने का पता शनिवार सुबह चला। उसने बताया कि चार एकड़ खेत के बीच का हिस्सा ही धंसा है। किसान का कहना है कि आठ साल पहले इन खेतों के पास 14 एकड़ क्षेत्र में रेत की खान थी। आज भी उसके खेतों के पास 40 फीट गहराई में खेती होती है।
महज अनुमान : भारी वर्षा, भू स्खलन या पास में स्थित रेत की खदान के कारण ऐसा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
‘मौके पर सोमवार को टीम भेजी जाएगी तभी सच्चई का पता चलेगा। रेत की खान होने की वजह से भी जमीन धंस सकती है।’
-डॉ. गुरबचन सिंह, (निदेशक, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल)