इंदौर. करीब डेढ़ महीने से शनि-मंगल की युति अब अलग-अलग होगी, इसी के साथ चतुग्र्रही योग भी भंग हो जाएगा। ज्योतिषियों का मानना है शनि-मंगल की युति की वजह से देश में राजनीतिक समीकरण बनना-बिगड़ना सहित हिंसक घटनाएं हो रही थीं, अब इससे कुछ राहत मिलेगी।
बारिश की संभावनाएं भी अब बनेंगी। हालांकि 16 अगस्त को सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश के साथ ही फिर से चतुर्ग्रही योग बनेगा। 21 जून से सिंह राशि में शनि मंगल की युति थी। ज्योतिषियों का मानना है इसके चलते संसद में राजनीतिक घमासान, करार पर तकरार, कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा, बम विस्फोट की घटनाएं, रेल में आग लगना, जनहानि, आतंकी एवं हिंसा की घटनाएं घटित हुईं। 9-10 अगस्त की दरमियानी रात 2.55 बजे मंगल के सिंह से कन्या राशि में प्रवेश के साथ शनि-मंगल की एवं सिंह राशि में बन रही शनि, मंगल, बुध व शुक्र का चतुग्र्रही योग भी भंग हो गया।
इस बारे में उज्जैन के पं. आनंदशंकर व्यास ने बताया शनि-मंगल की युति की वजह से हिंसक घटनाएं हो रही थीं, दोनों के अलग होने से अब राहत मिलेगी। इसके अलावा दोनों पापक ग्रह की युति की वजह से खंड वर्षा का योग बन रहा था, आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावनाएं भी अब बन गई हैं।
16 से 25 अगस्त तक फिर चार ग्रह एक राशि में
पं. नंदकिशोर शर्मा ज्योतिर्विद् और डॉ. नारायणदत्त शास्त्री ने कहा 16 अगस्त को शाम 5.24 बजे सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में में शनि, बुध और शुक्र पहले से ही हैं, ऐसे में फिर से चतुग्र्रही योग बनेंगे। शनि-सूर्य पिता-पुत्र होने के साथ एक-दूसरे के शत्रु भी हैं ऐसे में राजनीतिक दृष्टिकोण से यह समय अच्छा नहीं रहेगा। हालांकि यह चतुर्ग्रही योग देश के लिए कुछ सुखद परिणाम लाएगा। कला-खेल के क्षेत्र में देश को उपलब्धि भी हासिल होगी। यह युति 25 अगस्त को बुध के कन्या राशि प्रवेश के साथ पुन: भंग होगी।
..गुरु की दृष्टि बनाए रखेगा चतुर्ग्रही योग
सिंह राशि में शनि, बुध और शुक्र हैं। गुरु धनु राशि में है और इसकी नवम दृष्टि सिंह राशि पर पड़ रही है। ऐसे में चतुर्ग्रही योग का प्रभाव भी कायम रहेगा। शनि-मंगल की एक राशि में युति भले ही भंग होगी इसका दुष्प्रभाव भी कम होगा लेकिन वह काफी कम।
किस ग्रह ने कब कौन सी राशि में प्रवेश किया
16 जुलाई को शनि ने सिंह राशि में प्रवेश किया तथा 21 जून को मंगल ने प्रवेश कर शनि-मंगल योग बनाया। पं. नबकिशोर मिश्र के अनुसार 1 अगस्त को शुक्र व 7 अगस्त को बुध ने सिंह राशि में प्रवेश कर चतुग्र्रही योग बनाया। 9 अगस्त की रात मंगल के कन्या राशि में प्रवेश के साथ शनि-मंगल एवं चतुग्र्रही योग भंग होगा।