जयपुर. चुनावी वर्ष में राज्य की 50 लाख महिलाओं को 1500-1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना के बाद अब सरकार ने जमीन बांटने की तैयारी कर ली है। इसके लिए योजना बना ली गई है।
इस योजना को पूरी तरह शहरी मतदाताओं पर फोकस किया गया है। इसकी स्वाधीनता दिवस के अवसर पर घोषणा होने की संभावना है। इस योजना के तहत राज्य के सभी शहरों में चार हजार रुपए मासिक कमाने वाले लोगों को 50 वर्गगज तक का भूखंड आरक्षित दर की एक चौथाई कीमत पर दिया जाएगा। इस योजना में सभी वर्गो के लोगों को शामिल किया जाएगा।
सभी शहरी निकायों नगरपालिका, नगर परिषद, नगर सुधार न्यास, नगर निगम और जेडीए को इस योजना के लिए जमीन चिह्न्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक से ज्यादा भी होंगी योजनाएं : इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिक से अधिक लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार एक शहर में दो या इससे ज्यादा जगहों पर भी योजनाएं लागू करने का मानस बना रही है। इस आवासीय योजना का एक ही नक्शा मंजूर किया जाएगा। उसी के हिसाब से लोग मकान बना सकेंगे। शहरी क्षेत्रों में यदि औसत आरक्षित दर 1500 रुपए प्रति वर्गगज भी मानी जाए तो 50 वर्गगज के भूखंड के लिए मात्र 37-38 हजार रुपए ही देने पड़ेंगे।
प्रमाण और शपथ-पत्र देना होगा : इस योजना में आवेदन करने वाले लोगों को मासिक आय के संबंध में अपने मालिक से वेतन प्रमाण-पत्र देना होगा। जो स्वयं का व्यवसाय करते हैं उनसे तहसीलदार से प्रमाणित आय प्रमाण-पत्र और शपथ-पत्र मांगा जा सकता है।
गरीबों के लिए इस तरह की योजना विभाग में विचाराधीन तो है। इस पर 13 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में विचार करने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से घोषणा करवाई जाएगी।
-सुरेन्द्र गोयल, स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्यमंत्री, राजस्थान