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International International इस्लामाबाद. राष्ट्रपति पद न छोड़ने पर अड़े परवेज मुशर्रफ पर महाभियोग चलाने के लिए पाकिस्तान के निचले सदन नेशनल असेंबली का महत्वपूर्ण सत्र सोमवार शाम शुरू हो गया।
सत्तारूढ़ गठबंधन ने कहा है कि वह मुशर्रफ के खिलाफ आरोप पत्र के साथ ‘भयावह’ अपराधों के सबूत भी पेश करेगी। दूसरी ओर मुशर्रफ ने सभी आरोपों को झूठा साबित करने का दावा किया है।
सत्र की शुरुआत से पहले सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और सहयोगी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) के सांसदों की प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें महाभियोग प्रक्रिया पर आगे कदम बढ़ाने के बारे में चर्चा की गई। बैठक में मुशर्रफ पर महाभियोग पूरा होने तक सत्र को जारी रखने का फैसला भी किया गया। इत्तेफाक से नेशनल असेंबली के सत्र की शुरुआत सोमवार को मुशर्रफ के 65वें जन्मदिन पर हुई है।
सरकार का दावा
पीपीपी प्रवक्ता फरहतउल्लाह बाबर ने कहा कि गठबंधन एक ऐसा ‘दोषरहित’ आरोप पत्र तैयार कर रहा है, जिसमें मुशर्रफ के खिलाफ कदाचार, संविधान के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र के साथ मुशर्रफ के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर उनके द्वारा किए गए ‘भयावह’ अपराधों के ऐसे सबूत पेश किए जाएंगे, जिनके दम पर उनके खिलाफ ‘बार-बार’ महाभियोग चलाया जा सके। बाबर के मुताबिक, पीपीपी और पीएमएल-एन के पैनल ने मुशर्रफ के खिलाफ आरोपों को सूचीबद्ध करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
मुशर्रफ का भरोसा
न्यूज चैनल ‘जिओ’ टीवी के मुताबिक, सत्र शुरू होने से कुछ घंटे पहले मुशर्रफ ने रावलपिंडी में अपनी सहयोगी पार्टी पीएमएल-क्यू के नेताओं से मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि वे अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को झूठा साबित कर देंगे।
मुशर्रफ ने इन नेताओं से कहा, ‘मैं आप लोगों को निराश नहीं करूंगा और सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी आरोपों का मुकाबला करूंगा।’