इंदौर. सन्मति हायर सेकंडरी स्कूल, नौलखा के छात्रों ने प्राचार्य का विरोध करने के लिए दिन में स्कूल परिसर में सुतली बम फोड़े और रात में प्राचार्य विरोधी नारे लिखे।
इस पर स्कूल प्रबंधन ने बारहवीं के सभी 75 छात्रों को निलंबित कर दिया। हालांकि चार दिन बाद भी घटना के मास्टरमाइंड का पता नहीं लगा। विवाद छात्र प्रतिनिधि चुनने को लेकर शुरू हुआ था।
सीबीएसई से संबद्ध इस स्कूल के प्राचार्य ओ.एस. शुक्ला ने सात अगस्त को स्कूल के 1,700 छात्रों को रेड, ब्लू, यलो और ग्रीन हाउस में बांटकर उनके कैप्टन, वाइस कैप्टन, हेड ब्वॉय व हेड गर्ल की घोषणा की। ऐसा कई साल से हो रहा है। इससे कॉमर्स और विज्ञान के बारहवीं के छात्र आहत हुए।
वे छात्र प्रतिनिधि बदलना चाहते थे लेकिन प्राचार्य तैयार नहीं हुए। इस पर छात्रों ने स्कूल में कई जगह सुतली बम फोड़े। फिर उसी रात स्कूल परिसर में प्राचार्य के खिलाफ कई नारे लिखे जिनमें उन्हें हटाने की मांग, मुर्दाबाद और छात्र एकता जिंदाबाद के नारे शामिल थे।
आठ अगस्त को स्कूल खुला तो नारे देख प्रबंधन सकते में आ गया। सबसे पहले नारों पर पेंट किया। फिर छात्रों से पूछताछ शुरू की। इसमें इतना ही पता लगा कि हरकत बारहवीं के छात्रों की है। उनसे पूछताछ कर मास्टरमाइंड का नाम जानना चाहा तो साफ इंकार कर दिया। तब कॉमर्स और विज्ञान के सभी 75 छात्र निलंबित कर दिए गए।
जो किया सही किया -छात्र
निलंबन के चार दिन बाद भी स्कूल प्रबंधन और संचालन करने वाली श्री दिगंबर जैन पंचायती पाठशाला समिति विवाद का हल निकालने में जुटी है। छात्रों को समझाया कि प्राचार्य से माफी मांग लें तो बहाल कर देंगे लेकिन उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। उनका कहना है जो किया,सही है।
अभिभावकों से आग्रह
समिति अध्यक्ष सुनील शाह ने बताया निलंबित छात्रों में उनका बेटा आशय भी है। अभिभावकों से कहा है वे बच्चों को समझाएं। बच्चे न माफी मांगने को तैयार है, न नाम बताने को। फिर भी स्कूल प्रबंधन उन छात्रों को जल्दी खोज लेगा।
हतप्रभ हैं हम भी
छात्रों ने दिन धमाके और बाद में नारे लिखकर जिस तरह विरोध प्रदर्शन किया, उससे हम हतप्रभ हैं। अनुशासन को ध्यान में रखते हुए बारहवीं के सभी 75 छात्रों को निलंबित नहीं करते तो और बड़ी हरकत करते। जब तक वे माफी नहीं मांगेंगे, बहाल नहीं करेंगे।
-ओ.एस. शुक्ला, प्राचार्य