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अनुबंधित बसों के थम जाएंगे पहिए

शिवपुरी. बस यात्रियों को यह खबर परेशान कर सकती है कि अगर सरकार ने बस मालिकों की मांगे नहीं मानी तो 15 अगस्त के बाद निजी समेत अनुबंधित बसों के मालिक अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

खास बात यह है कि बस मालिक इस तिथि की घोषणा नहीं कर रहे हैं। गत आठ अगस्त को इस आशय का अल्टीमेटम प्रदेश सरकार को दे दिया है कि अगर सात दिन के अंदर उनकी मांगें नहीं मानी तो कभी भी बसों के पहिए थम सकते हैं ।

प्रदेश सरकार द्वारा बस मालिकों की अनेक मांगे न मानने पर निजी और अनुबंधित बस मालिकों में रोष व्याप्त है। रोष का कारण बताते हुए मप्र बस आनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमेन्द्र कर्णावत ने बताया कि त्रिस्तरीय कर प्रमाली को समाप्त करने, डीजल पेट्रोल के भाव बढ़ जाने के बाद भी बसों के किराए में बढ़ोत्तरी न किए जाने समेत अनेक मांगों को लेकर बस आपरेटर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं ।

श्री कर्णावत ने बताया कि इस आशय का एक अल्टीमेटम हम प्रदेश सरकार को गत आठ अगस्त को दे चुके हैं। अल्टीमेटम में साफ कहा गया कि अगर आगामी सात दिन के अंदर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 15 अगस्त के बाद कभी भी,निजी और अनुंधित बस आपरेटर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा सकते है। साथ ही श्री कर्णावत ने दावा किया है कि इस हड़ताल में अंतरप्रांतीय बसआपरेटर भी अपना पूरा सहयोग देते हुए अपनी बसें भी बंद रखेंगे ।

बस आपरेटरों की प्रमुख मांगें
अनुबंधित बस आनर्स संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष स्याम सुंदर शर्मा ने क हा कि हमारी खासतौर पर चार मांगे हैं जिसमें कम से कम 50 फीसदी यात्री किराया बढ़ाना, त्रिस्तरीय कर वापस लेना,नगरीय निकायों द्वारा बस मालिकों से लिए जाने वाला कर समाप्त करना एवं हाल ही में बसों के जो वार्षिक कर में बढ़ोत्तरी की है उसे वापस लेना। श्री शर्मा का कहना है कि उक्त मांगों को मानने का आश्वासन पहले भी दिया जा चुका है लेकिन सरकार द्वारा आज तक इन्हें पूरा नहीं किया जा सका ।

इससे पहले भी हो चुकी है हड़ताल
अनुबंधित बस आनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा एवं मप्र बस आपरेटर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री कर्णावत ने कहा ऐसा नहीं है कि इस तरह का आंदोलन पहली बार हो रहा है बल्कि इसके लिए गत 10 जून को प्रदेश में सांकेतिक हड़ताल की गई थी।

इसके बाद मांगें मनवाने के लिए गत 29 जून को हड़ताल की गई ती लेकिन प्रदेश सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल दो जुलाई को वापस ले ली थी बस मीलिकों ने एक विज्ञप्ति जारी तो की थी। बस मालिकों की मांगों से संबंधित मामला विचाराधीन है जिस पर जल्द फैसला किया जाएगा।
-एन के त्रिपाठी, परिवहन आयुक्त मप्र शासन’





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