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दो छात्रों का अपहरण

शिवपुरी. झांसी रोड स्थित निजी स्कूल के सामने से सोमवार को दिनदहाड़े दो छात्रों के अपहरण से शहर में कुछ देर के लिए सनसनी फैल गई। अपहरण उस समय हुआ, जब दोनों छात्र छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे।

मारपीट करने के बाद अपहरणकर्ता उन्हें एक सफेद रंग की कार में पटक कर ले गए। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एक घंटे के भीतर न केवल छात्रों को बरामद कर लिया बल्कि अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया।

घटनाक्रम के अनुसार सोमवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे के लगभग झांसी रोड पर कालीमाई मंदिर के पीछे स्थित एक निजी स्कूल की छुट्टी हुई। कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाले छात्र योगेश (17) पुत्र नंदकिशोर राठौर और गौरव (18) पुत्र राधेश्याम राठौर निवासी खेड़ापति कालोनी जैसे ही स्कूल से बाहर निकले तो उन्हें पूर्व से ही वहां मौजूद आधा दर्जन युवकों ने पकड़ लिया और लात-घूसों से पिटाई करने लगे। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही सफेद रंग की कार और मोटरसाइकिल से आए इन युवकों ने दोनों छात्रों को कार में पटका और झांसी तिराहे की ओर ले गए। कार के पीछे मोटरसाइकिल सवार भी चले गए। भीड़ भरे इलाके से दो युवकों के फिल्मी अंदाज में किए गए अपहरण से शहर में सनसनी फैल गई, वहीं स्कूल संचालकों के भी हाथ-पैर फूल गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्कूल संचालक ने एसपी डीसी शर्मा को मोबाइल पर घटना के बारे में बताया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी श्री शर्मा ने चारों नाकों की नाकाबंदी कराने के साथ शहर में सर्चिग अभियान छेड़ दिया। साथ ही छात्रों को अगवा कर भागी कार वाली दिशा में भी पुलिस पार्टी दौड़ा दी। कुछ ही देर में अपहरण की यह घटना पूरे शहर में फैल गई और देखते ही देखते स्कूल के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। नाकाबंदी के कारण छात्रों को अगवा करने वाली कार शहर से बाहर नहीं निकल सकी। लगभग एक घंटे बाद वही कार उसी स्कूल के सामने से निकली, जिसके सामने से छात्रों को अगवा किया गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने नंबर एमपी09डब्ल्यू-1149 को पहचान लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर स्कूल के बाहर खड़े पुलिस कर्मियो और कोतवाली के चीता मोबाइल ने उस कार का पीछा किया और झांसी रोड पर ही पकड़ लिया। कार में अपहरणकर्ता तो मिल गए, लेकिन वे अपहृत छात्र गायब थे। अपहरणकर्ताओं को देहात थाने लाया गया और यहां उन्होंने पूछताछ में बताया कि योगेश राठौर और गौरव राठौर को वे उनके घर छोड़ आए हैं।

लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ लगे अपहरणकर्ता एरिस, जावेद, अखिल और नावेद निवासी पुरानी शिवपुरी ने बताया कि गौरब और योगेश उनकी बहन सबा खान जो कि उनके स्कूल में पढ़ती है, उसके साथ कई दिनों से छेड़छाड़ कर रहे थे। उन्होंने कई बार उन्हें मना भी किया, लेकिन वे नहीं मानें। यहां तक पिछले दिनों फ्रेण्डशिप डे पर गौरव और योगेश ने सबा को जबरन फ्रेण्डशिप बैंड दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि वे उनका अपहरण करके नहीं ले गए थे, बल्कि उन्हें स्कूल से पकड़ कर उनके घर माता-पिता को उनकी करतूत बताने ले गए थे। इधर गौरव और योगेश राठौर ने बताया कि उन्होंने किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की है। देहात थाना पुलिस ने आरोपीगण ऐरिस, जावेद, अखिल और नावेद के खिलाफ भादंवि की धारा 342, 323,506 बी, और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस लिखी कार का किया उपयोग
छेड़छाड़ के मामूली विवाद को लेकर अपहरण जैसी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने जिस कार का उपयोग किया, उसके आगे और पीछे पुलिस लिखा हुआ है। अब पुलिस इस बात की पतारसी कर रही है कि पुलिस लिखी कार किसकी है। यदि कार पर फर्जी तरीके से पुलिस लिखा गया है, तो एसपी श्री शर्मा ने इस संबंध में पृथक से कार्रवाई करने की बात कही है।

कालेज के छात्र हैं अपहरणकर्ता
झांसी रोड स्थित एक निजी स्कूल के बाहर से दो छात्रों का अपहरण करने वाले आरोपी कालेज छात्र हैं। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद चारों आरोपियों ने बताया कि वे शहर के एक निजी कालेज में अध्ययन करते हैं। इस आधार पर इन आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों से उनका करियर खराब न करने की बात भी कहीं, लेकिन पुलिस ने उनकी इस बात को खारिज कर दिया।

पुरस्कृत होगे पुलिस कर्मी
स्कूल छात्रों के अपहरण मामले का एक घंटे के भीतर पटाक्षेप करने वाले पुलिस कर्मियों को आईजी डीएस सेंगर ने पुरस्कृत करने के निर्देश एसपी डीसी शर्मा को दिए हैं।





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