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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. रायपुर दुग्ध संघ की दूध सप्लाई में दो-तीन दिनों से कमी आई है। आज 50 हजार लीटर मांग के विरूद्घ केवल 38 हजार लीटर दूध भेजा गया।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कांकेर, धमतरी में करीब 12 हजार लीटर दूध कम भेजा गया है। प्लांट में दूध पाउडर बिल्कुल खत्म हो गया है, इसलिए मंगलवार को भी संकट बना रह सकता है। उज्जैन और पुणो से दूध लेकर चले टैंकर परसों तक यहां पहुंच पाएंगे।
बताते हैं, आज सावन सोमवार की वजह से डिमांड 50 हजार लीटर की थी। बाकी दिनों में 40 हजार लीटर खपत होती है। रायपुर में 16 हजार, बिलासपुर में 20, दुर्ग-भिलाई में 5 और कांकेर-धमतरी में 1200 लीटर दूध की डिमांड है। यहां कम दूध भेजा गया। यह इसलिए हुआ क्योंकि दूध पाउडर खत्म हो गया है।
इधर, आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जेडी सिंह ने एनडीडीबी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि जाते-जाते वह रायपुर दुग्ध संघ को नुकसान पहुंचा रहा है। एनडीडीबी का कार्यकाल 25 अगस्त को खत्म हो रहा है। मार्केर्टिग, फील्ड आपरेशन, स्टोर, परचेस और एडमिनिस्ट्रेशन के चार्ज रायपुर दुग्ध संघ के अधिकारियों को सौंप दिया गया है, लेकिन वित्त एवं अन्य महत्वपूर्ण दायित्व एमडी के पास ही है।
उनका आरोप है कि एनडीबी को चार्ज देते समय 90 लाख का एफडी सौंपा गया था लेकिन अभी वित्तीय स्थिति क्या है? किसी को नहीं मालूम। अन्य दुग्ध संघों को भुगतान नहीं होने पर ही सप्लाई कम की जा रही है। कमी से निपटने के लिए संघ 20-25 टन दूध पाउडर का स्टाक रखता था जो कई दिनों से खत्म हो गया है। संघों को 8 दिन पहले दूध और पाउडर का भुगतान होने पर छग को सप्लाई होती है।
कहां कितना कम
रायपुर में 4 हजार, बिलासपुर में 6, भिलाई-दुर्ग में 1500 और कांकेर धमतरी में 300 लीटर कम दूध भेजा गया।
स्थिति होगी सामान्य: एमडी
रायपुर दुग्ध संघ के कार्यकारी एमडी अमरलिंगम ने स्वीकार किया कि अन्य दूसरे दुग्ध संघों से कम दूध मिलने की वजह से प्रदेश में दूध सप्लाई में कमी आई है। उन्होंने कहा कि कल तक स्थिति संभल जाएगी।
दूध पाउडर का स्टाक इसलिए नहीं रखा जा रहा था कि आयातित दूध की कमी नहीं थी। दूसरे राज्यों को दूध का भुगतान समय पर हो रहा है।