अजमेर. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ललित भाटी ने अपनी ही पार्टी के पार्षद सुनील केन को तमाचा रसीद कर दिया। केन ने पर्यवेक्षक के सामने शक्ति प्रदर्शन के लिए ज्यादा भीड़ लाने से इनकार कर दिया था।
थप्पड़ की गूंज ने कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को एक बार फिर उजागर कर दिया। पार्षद ने भाटी को पार्टी से निलंबित करने की मांग की है। उधर, भाटी ने घटना के संबंध में कुछ भी कहने से मना कर दिया। वाकया रविवार शाम का है। भाटी ने पर्यवेक्षक वीरेन्द्रसिंह चौधरी के सोमवार को अजमेर आने के मद्देनजर समर्थकों की बैठक बुलाई थी।
बैठक में पार्षद सुनील केन को भी बुलाया गया था। केन ने बताया कि वार्ड में किसी व्यक्ति की मौत होने के कारण वे बैठक में देरी से पहुंचे थे, जहां भाटी ने कहा कि पर्यवेक्षक आ रहे हैं, सर्किट हाउस में अपने वार्ड से कम से कम पांच सौ लोगों को लेकर आना।
केन के अनुसार उन्होंने जवाब दिया कि इतनी भीड़ लाना संभव नहीं है। इस तरह के कार्यक्रमों में लोगों को झूठ बोलकर लाना पड़ता है। फिर भी अधिक से अधिक भीड़ लाने की कोशिश करेंगे। इस पर भाटी ने फिर सवाल किया कि शनिवार को वे पर्यवेक्षक के सामने कितनी भीड़ लेकर आए। केन ने जवाब दिया, दो बस भरकर।
पार्षद सुनील केन ने बताया कि भाटी ने उनसे बसों के नंबर पूछे तो वे नहीं बता पाए, लेकिन उन्होंने ड्राइवरों के नाम बता दिए। भीड़ को लाकर दोनों के बीच बहस होती रही। भाटी ने कहा कि पार्षद के चुनाव में दो साल का समय बाकी रह गया है, इसके बाद वे ही टिकट देंगे। केन का कहना है कि बहस से गुस्साए भाटी ने उन्हेंथप्पड़ मार दिया।
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया। रविवार की घटना पर समर्थकों से बात करने के बाद केन ने सोमवार को मुंह खोला और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मेयर और सभी पार्षदों को मामले की जानकारी देकर पार्षदों की अस्मिता का हवाला देते हुए साथ देने का आग्रह किया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष को शिकायत : पार्षद सुनील केन ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष जसराज जयपाल को भी भाटी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। जसराज ने केन को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिर भी कांग्रेसी : सुनील केन लगातार तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं, लेकिन तीनों बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। केन ने कांग्रेस से टिकट मांगा था, लेकिन हर बार नेताओं ने टिकट काट दिया। कांग्रेस की बेरुखी के बाद भी केन नगर परिषद बोर्ड और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ देते आए।
मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
-ललित भाटी, पूर्व मंत्री
पर्यवेक्षक के सामने शक्ति प्रदर्शन के लिए भाटी ने भीड़ लाने को कहा था। इनकार करने पर भाटी ने अभद्रता की और बाद में थप्पड़ मार दिया। प्रदेशाध्यक्ष से भाटी को पार्टी से निलंबित करने की मांग की है। महापौर सहित सभी पार्षदों से भी सहयोग मांगा है।
-सुनील केन, पार्षद
पार्षद सुनील केन से थप्पड़ मारने की जानकारी मिली है। इस घटना को किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता है। पार्षद शिकायत करेंगे तो प्रदेशाध्यक्ष को घटना से अवगत करा देंगे।
-जसराज जयपाल, अध्यक्ष शहर कांग्रेस
पार्टी दफ्तर में भिड़ी नेत्रियां : पार्टी समन्वयक वीरेंद्र सिंह चौधरी के समक्ष शक्ति प्रदर्शन से पहले ही शहर कांग्रेस में दम-खम दिखाने का दौर चल पड़ा। टिकट के दावेदार और उनके समर्थक कार्यकर्ता देररात तक इंतजार करते रहे लेकिन चौधरी सोमवार को भी अजमेर नहीं पहुंचे। पार्षद को थप्पड़ की गहमा-गहमी के बीच पार्टी दफ्तर में दो नेत्रियां आपस में भिड़ गई।
दोनों के बीच गाली गलौच व हाथापाई तक हो गई। नागौर जिले में उलझे वीरेंद्र चौधरी के इंतजार में पूर्व विधायक भाटी के घर पर कार्यकर्ता प्रमिला कौशिक, अमोलक सिंह छाबड़ा, गंगा सिंह गुर्जर, जुल्फिकार चिश्ती, एसएफ हसन चिश्ती आदि रात 11 बजे तक उनका इंतजार करते रहे। नानकी भवन में भाटी कार्यकर्ता सम्मेलन के माध्यम से टिकट की अपनी दावेदारी को मजबूत करने वाले थे। जब चौधरी देर रात तक नहीं आए तो कार्यकर्ताओं को एक बार फिर मायूसी के साथ लौटना पड़ा।
कांग्रेसी नेत्रियों में हाथापाई : कांग्रेस दफ्तर में पार्षद एवं संगठन के पदाधिकारी रात आठ बजे से जमा होने लगे थे। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुरजीत कपूर तथा लक्ष्मी नायक में आपस में छींटाकशी जल्द ही हाथापाई में बदल गई। दफ्तर में ही एक-दूसरे को सबक सिखाने पर आमादा नेत्रियों को वहां मौजूद शहर कमेटी के महामंत्री फकरे मोइन व पार्टी के लोगों ने मुश्किल से रोका।
गौरतलब है कि दोनों नेत्रियों में जब घमासान चल रहा था तब पार्टी दफ्तर में डा. राजकुमार जयपाल, नरेन शाहनी, विजय नागौरा, कुलदीप कपूर, रामबाबू शुभम तथा सभी पार्षद मौजूद थे। दोनों ही जगहों पर रात तक दो सौ से अधिक कार्यकर्ता मौजूद थे।
थप्पड़ की गूंज : पार्षद सुनील केन को भाटी के थप्पड़ की गूंज पार्टी दफ्तर व नानकी भवन, दोनों जगह महसूस की गई। पार्टी दफ्तर में कांग्रेस के पार्षदों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाटी के खिलाफ नारेबाजी की। वे भाटी के विरुद्ध चौधरी को ज्ञापन देने के लिए एकत्र हुए थे। उस समय पार्टी दफ्तर में भाटी का एक भी समर्थक मौजूद नहीं था।
इससे पहले सुनील केन समेत सभी कांग्रसी पार्षदों व समर्थकों ने जसराज जयपाल को भाटी को पार्टी से निकालने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने ‘भाटी भगाओ- पार्टी बचाओ’ के नारे लगाए। वैशालीनगर में आयोजित समारोह के दौरान भी यादव काम्पलैक्स के बाहर कांग्रेसियों ने भाटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उधर, नानकी भवन में प्रस्तावित सम्मेलन में सोमवार को मुश्किल से ढाई सौ कार्यकर्ता ही पहुंचे। भाटी के समर्थक माने जाने वाले अधिकतर नेता कन्नी काट गए। बरसात के कारण रात दस बजे तक नानकी भवन में कार्यकर्ता जमे रहे लेकिन उसके बाद चौधरी के आने के आसार नहीं दिखे तो एक-एक कर चलते बने।